
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अनुबंध कर लग्जरी कारों की हेराफेरी करने वाले हाईप्रोफाइल ठग संजय कालरा उर्फ संजय कारिरा से पुलिस ने 4 कारें जब्त कर ली हैं। पुलिस ने बुधवार को कालरा के वीआइपी परस्पर नगर स्थित घर पर छापा मारकर 20 से ज्यादा कारों के अनुबंध पत्र भी जब्त किए हैं। शातिर ठग संजय कालरा उर्फ संजय कारिरा निवासी सुदामा नगर के खिलाफ मंगलवार को अन्नपूर्णा थाना में दो एफआइआर दर्ज की गई हैं।
पहला केस केशरबाग रोड निवासी राधिका सोलंकी और दूसरा केस रोमेंद्रसिंह द्वारा दर्ज करवाया गया है। रोमेंद्र ने पुलिस को बताया कि कालरा ने कार मासिक किराये पर ली थी। आरोपित ने कुछ महीनों तक किराया दिया, बाद में कार ही गायब कर दी। उसके साथ इस्लाम पटेल, संतोष, धर्मेंद्र, कृष्णा, निलेश, सुरभी आदि ने भी आवेदन दिया। बुधवार को कालरा के खिलाफ 20 से ज्यादा आवेदक थाने आ पहुंचे। पुलिस ने दोपहर को कोर्ट पेश कर दो दिन के लिए रिमांड पर ले लिया। कालरा ने पूछताछ में बताया कि कारें गुलजार कालोनी के एक दलाल के माध्यम से ठिकाने लगाई हैं। उसने खुद कॉल कर 4 कारें थाने पर खड़ी करवा दीं। शेष कारों के लिए पुलिस दबाव बना रही है।
बुधवार को पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली। कालरा फिलहाल वीआइपी परस्पर नगर में रहने लगा है। पुलिस ने घर से अनुबंध पत्र बरामद कर लिए। कालरा मूलतः पाकिस्तान के सिंध का है। उसको भारतीय नागरिकता नहीं मिली है। पुलिस ने उसकी जानकारी निकाली तो जूनी इंदौर, राजेंद्रनगर, अन्नपूर्णा, द्वारकापुरी और नीलगंग (उज्जैन) के थानों में धोखाधड़ी के केस निकले। कालरा उन दुकानों पर भी कब्जा कर लेता है जहां उसकी उठक-बैठक रहती है। जेल रोड पर भी उसने एक ट्रेवल कंपनी पर कब्जा कर लिया था।
बुधवार को पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने अन्नपूर्णा टीआइ अजय नायर और एसीपी हेमंत चौहान को कार्यालय तलब कर केस की जानकारी ली। आयुक्त ने एफआइआर में देरी करने पर फटकार लगाई और कहा कि इस केस की विवेचना टीआइ स्वयं करेंगे। पुलिस आयुक्त के कड़े रुख के बाद अब मामले की जांच में तेजी आने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें- भूमि नामांतरण में लापरवाही पड़ी भारी, मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर अशोकनगर कलेक्टर की छुट्टी