
रामकृष्ण मुले, नईदुनिया, इंदौर। इंदौर शहर के पश्चिम क्षेत्र में दत्त भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र वैशाली नगर तिराहा स्थित दत्त देवालय अवधूत मंदिर अब नवीन और मनमोहक स्वरूप में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार है। आगामी मूर्ति प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
दक्षिण भारतीय स्थापत्य शैली में पिछले दो वर्षों में निर्मित मंदिर अपनी भव्यता और आकर्षक कारीगरी से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करेगा।
केशवानंद सरस्वती आश्रम ट्रस्ट द्वारा संचालित एवं दत्त माऊली भाविक मंडल द्वारा प्रबंधित इस साधना स्थल में पहले स्थापित संगमरमर की प्रतिमा के स्थान पर अब आनंदस्वरूप में भगवान दत्तात्रेय की साढ़े चार फीट ऊंची काले पत्थर की प्रतिमा नवीन वेदी पर विराजित की जाएगी। करीब साढ़े चार हजार वर्गफीट क्षेत्र में बने मंदिर में कर्नाटक के प्राचीन मंदिरों की झलक दिखाई देती है।
काले पत्थरों की आभा, कवेलूयुक्त छत, सुंदर नक्काशी और नवनिर्मित दीप स्तंभ इसकी शोभा बढ़ा रहे हैं। करीब दो एकड़ में फैले इस परिसर में गोसेवा, भजन-सेवा, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर सहित विभिन्न सामाजिक और आध्यात्मिक गतिविधियां संचालित की जाती हैं। हरा-भरा आकर्षक बगीची भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
दत्त माउली भाविक मंडल के दिलीप जोशी बताते हैं कि तांबे स्वामी महाराज 1940 में यहां आए थे। पानी की व्यवस्था के लिए जब यहां एक कुआं खोदा गया तो पानी नहीं निकला, लेकिन उनके बताए स्थान पर कुआं खोदने पर खूब पानी आया। आज भी यहां वह कुआं है और क्षेत्र की पानी की प्यास बुझा रहा है। भीषण गर्मी में जब बोरिंग सूख गए तब आज यहां से नगर-निगम के टैंकर भरे जा रहे हैं और जल वितरण हो रहा है।
यहां वासुदेवनंद सरस्वती के शिष्य तांबे स्वामी की कुटिया है। उनके अन्य शिष्य नाना महाराज एवं रंगाधूत महाराज थे। इससे मंदिर का निर्माण 1990 में किया गया था, जिसमें दत्त भगवान की संगमरमर की मूर्ति प्रतिष्ठित थी। तब यहां 900 वर्गफीट का था। अब मंदिर में 200 लोगों की बैठक व्यवस्था है।
शहर के पश्चिम क्षेत्र में जोशी बगीचा वैशाली नगर तिराहा स्थित दत्त देवालय अवधूत मंदिर का सात दिवसीय मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव 27 जून से आयोजित किया जाएगा। इसमें वैदिक रीति-रिवाजों के अनुरूप कुंभारोहण, मंडप प्रतिष्ठा, जलाधिवास, धान्याधिवास, पुष्पाधिवास, फलाधिवास, देवता स्थापना, वास्तु एवं ग्रह शांति यज्ञ, प्राण प्रतिष्ठा सहित विभिन्न कार्यक्रम होंगे।
सभी आयोजन केशवानंद सरस्वती आश्रम ट्रस्ट द्वारा संचालित दत्त माऊली भाविक मंडल के तत्वावधान में होंगे। दंडी संन्यासी पुरुषोत्तम आश्रम स्वामी ने बताया कि महोत्सव द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज के सान्निध्य में संपन्न होगा। इस दौरान संध्याकालीन सत्र में भक्ति संगीत, भजन संध्या, शास्त्रीय गायन, वारकरी संप्रदाय की पालकी यात्रा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य महोत्सव एक जुलाई को होगा।