
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। वर्षाकाल में पिछले वर्ष सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो के वायडक्ट के नीचे सड़क पर जलजमाव ने वाहनों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थीं। ऐसे में नगर निगम व मेट्रो प्रबंधन एक-दूसरे पर इसके लिए दोषारोपण करते रहे थे। इस बार सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक बने मेट्रो के वायडक्ट व स्टेशन के नीचे सड़क पर मेट्रो व निगम दोनों ही विभागों के अफसरों को वर्षा जल निकासी के पर्याप्त इंतजाम करने होंगे।
हकीकत यह है कि अभी इस हिस्से में कुछ ही स्थानों पर ड्रेनेज लाइन की सफाई हुई है। अभी तक कई हिस्सों में स्टॉर्म वाटर लाइन भी डाली नहीं गई है। ऐसे में मानसून के दौरान वर्षा का जलजमाव मेट्रो कॉरिडोर वाले हिस्से में लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी करेगा। हालांकि मेट्रो प्रबंधन के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने वायडक्ट वाले हिस्से से निर्माण संबंधित मलबा हटा दिया है। उस हिस्से में सड़क पर बने मैनहोल की जांच निगम के माध्यम से करवाएंगे ताकि वर्षा में जलजमाव की समस्या न हो।
रेडिसन चौराहे सहित मेट्रो के कुछेक स्टेशनों पर स्टेशन परिसर के वर्षा जल निकासी के लिए लगाए गए वाटर रिचार्ज पाइप कुछ जगह प्रॉपर तरीके से नहीं लगे हैं और कुछ में टूट-फूट भी है। ऐसे में वर्षा के दौरान मेट्रो स्टेशन परिसर में आने वाला बारिश का पानी भी सड़क पर आएगा। इससे वाहन चालकों की परेशानी बढ़ेगी। पिछले दिनों भंवरासला स्थित मेट्रो स्टेशन के नीचे जलजमाव की समस्या सामने आई थी।
आगामी दिनों में सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो जाएगा। पिछले वर्ष बारिश के दौरान सुपर कॉरिडोर पर बने दो मेट्रो स्टेशनों पर वर्षा का पानी परिसर में दीवारों के सहारे आने की समस्या सामने आई थी। इससे यात्रियों को परेशानी भी हुई थी। ऐसे में इस बार मेट्रो प्रबंधन को अपने सभी स्टेशनों के परिसर में वर्षा के पानी की रोकथाम के लिए इंतजाम करने होंगे।
एयरपोर्ट से राजवाड़ा तक मेट्रो प्रबंधन द्वारा बनाए जा रहे अंडरग्राउंड स्टेशन निर्माण के लिए की गई खुदाई के कारण गहरे गड्ढे बन गए हैं। ऐसे में वर्षाकाल में इनमें पानी जमा होने पर मेट्रो प्रबंधन 15 से 25 हॉर्स पावर की मोटर लगाकर पानी को ड्रेन करेगा। ऐसे में इस पानी को ड्रेन करते समय इस बात का ध्यान रखना होगा कि पानी आसपास की कॉलोनियों के लिए जलजमाव की समस्या न बने।
यदि यह पानी ड्रेनेज लाइन में छोड़ा गया तो ड्रेनेज लाइन चोक होगी और रहवासी क्षेत्र के लोग परेशान होंगे। ऐसे में उस क्षेत्र में डाउन लाइन में बने नालों को चिह्नित कर वर्षा जल निकासी के इंतजाम करने होंगे।
रोबोट चौराहे पर मेट्रो वायडक्ट के पिलर निर्माण के शेड लगाए गए हैं। इसके कारण यहां पर अभी वाहन चालकों को चौराहा पार करने में कम जगह मिलती है। कई बार तो ट्रैफिक जाम भी लगता है। ऐसे में वर्षाकाल के आगामी दिनों में इस चौराहे पर ट्रैफिक समस्या बढ़ेगी।
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