
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। लव मैरिज के विवाद में युवक की हत्या (आनर किलिंग) के करीब आठ साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) एवं अपर सत्र न्यायालय ने छह आरोपियों को आजीवन कारावास से दंडित किया है।
आरोपित अरुण भालसे, शिवराम भालसे, राहुल पंवार, सोनू दांगे, राजेश मोये और विशाल खेडेकर को दोषी पाते हुए हत्या के अपराध में आजीवन कारावास तथा हत्या के प्रयास के मामले में सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
वर्ष 2018 में तेजकरण ने रिंकी भालसे से प्रेम विवाह किया था। इससे नाराज रिंकी के परिजनों और उनके साथियों ने तेजकरण पर चाकुओं से हमला कर दिया। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बीच-बचाव करने आए मोनू पर भी जानलेवा हमला किया गया था। मुकदमे के दौरान मृतक की पत्नी रिंकी और घायल मोनू अपने बयानों से मुकर गए।
लेकिन अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी आरती भदौरिया ने अन्य साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार कोर्ट में पैरवी की।
न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए सभी आरोपियों को हत्या और हत्या के प्रयास का दोषी ठहराकर दंडित किया।