इंदौर के क्रिश्चियन कॉलेज की जमीन सरकारी घोषित, प्रशासन जल्द लेगा कब्जा
कॉलेज प्रबंधन ने इस जमीन का व्यावसायिक उपयोग करने की अनुमति लेने के लिए नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में आवेदन किया था। इसी प्रक्रिया के दौरान नजूल भूमि ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 23 Jan 2026 08:48:51 PM (IST)Updated Date: Fri, 23 Jan 2026 08:51:04 PM (IST)
इंदौर का क्रिश्चिन कॉलेज।HighLights
- लीज शर्ते उल्लंघन पर कलेक्टर ने जमीन शासन में समाहित करने का आदेश किया पारित।
- शासन ने एसडीएम जूनी इंदौर और अपर तहसीलदार को कब्जा लेने के लिए निर्देशित किया।
- प्रक्रिया के दौरान नजूल भूमि से संबंधित आपत्तियां सामने आईं और प्रशासन ने जांच शुरू की।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। क्रिश्चन कॉलेज की करोड़ों की रुपये की बेशकीमती जमीन को प्रशासन ने सरकारी घोषित कर दिया। लीज शर्ता के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने जमीन को शासन में समाहित करने के आदेश पारित किए। अनुदान को निरस्त करते हुए शासन अनुविभागीय अधिकारी जूनी इंदौर और अपर तहसीलदार जुनी इंदौर को कब्जा लेने के लिए निर्देशित किया। अब प्रशासन जल्द जमीन पर कब्जा लेगा।
सर्व नंबर 407/1669/3 पर स्थित जमीन का कुल रकबा 1.702 हेक्टेयर (17020 वर्गमीटर) है। यह भूमि वर्ष 1887 में महारानी भागीरथीबाई होल्कर द्वारा क्रिश्चियन मिशनरी को स्कूल और हास्पिटल संचालन के लिए विशेष शर्तों पर दी गई थी। जांच में सामने आया कि वर्षों से जमीन का उपयोग तय उद्देश्य के अनुसार नहीं किया जा रहा है और मिशनरी संस्था भी अब अस्तित्व में नहीं है।
कॉलेज प्रबंधन ने इस जमीन का व्यावसायिक उपयोग करने की अनुमति लेने के लिए नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में आवेदन किया था। इसी प्रक्रिया के दौरान नजूल भूमि से संबंधित आपत्तियां सामने आईं और प्रशासन ने जांच शुरू की। जांच में जमीन को सरकारी नजूल पाया गया, जिसके बाद कलेक्टर की कोर्ट में धारा 182 के तहत सुनवाई की गई।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने 12 जनवरी को आदेश पारित करते हुए अनुदान निरस्त कर जमीन को शासन हित में समाहित करने और कब्जा लेने के आदेश दिए।
एसडीएम प्रदीप सोनी का कहना है कि जमीन को सरकारी नजूल घोषित किया गया है। जल्द ही जमीन का कब्जा भी लिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि प्रशासन खाली जमीन का कब्जा इसी सप्ताह लेगा और इमारत का कब्जा परिक्षाएं पूरी होने के बाद लिया जाएगा।