इंदौर के नेहरू नगर सडक चौड़ीकरण में हाई कोर्ट का फैसला, जवाब पर फैसला आने तक नहीं होगी कार्रवाई
याचिकाकर्ता के पक्ष में आदेश नहीं होने की स्थिति में उसे कम से कम सात दिन का समय दिया जाए। तब तक किसी तरह की तोड़फोड नहीं हो सकेगी। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 01 Jun 2026 08:41:45 PM (IST)Updated Date: Mon, 01 Jun 2026 08:49:53 PM (IST)
इंदौर हाई कोर्ट।HighLights
- नेहरू नगर निवासी रोहित उज्जैनी ने हाई कोर्ट में यह याचिका दायर की थी।
- सडक़ चौड़ीकरण में मकान को तोडऩे के लिए 25 मई को नोटिस दिया था।
- जबकि वे पहले ही 7 मई को निगम को पूर्व में जारी नोटिस का जवाब दे चुके हैं।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एमआईजी पुलिस थाने के सामने से नेहरू नगर होकर जंजीरवाला चौराहा तक सडक़ चौड़ीकरण को लेकर हाई कोर्ट ने आदेश जारी किया है।
कोर्ट ने फिलहाल तोडफ़ोड़ पर रोक लगाते हुए कहा कि निगम याचिकाकर्ता के आवेदन पर सुनवाई कर आदेश पारित करे। याचिकाकर्ता के पक्ष में आदेश नहीं होने की स्थिति में उसे कम से कम सात दिन का समय दिया जाए। तब तक किसी तरह की तोड़फोड नहीं हो सकेगी।
नेहरू नगर निवासी रोहित उज्जैनी ने एडवोकेट मनीष यादव के माध्यम से याचिका दायर की थी। कहा था कि निगम ने सडक़ चौड़ीकरण में उनका मकान को तोडऩे के लिए 25 मई को नोटिस दिया था, जबकि वे पहले ही 7 मई को निगम को पूर्व में जारी नोटिस का जवाब दे चुके हैं।
इस पर फैसला लेने के बजाय दूसरा नोटिस जारी कर दिया। सुनवाई का अवसर भी नहीं दिया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने याचिका का निराकरण करते हुए आदेश दिया कि याचिकाकर्ता 5 जून को सुबह 11 बजे से 2 बजे के बीच में निगम के भवन अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रखें।
इस पर तर्कसंगत और सकारण आदेश पारित करना होगा। अगर निगम का आदेश याचिकाकर्ता के विरुद्ध होता है तो भी आदेश पारित होने के बाद के सात दिन तक याचिकाकर्ता के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हो सकेगी।