
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एक्सीडेंट का बहाना बनाकर लूट करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित महाराष्ट्र और गुजरात में वारदातों को अंजाम देने के बाद इंदौर पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार गिरोह पालदा क्षेत्र में एक हवाला व्यापारी को लूटने की योजना बना रहा था, तभी उन्हें पकड़ लिया गया।
पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया
पुलिस को रविवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि हिम्मत नगर पालदा के एक खाली मैदान में सफेद कार में सवार कुछ लोग व्यापारियों और हवाला कारोबारियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 33 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और वारदात में प्रयुक्त कार जब्त की गई है।
आरोपितों की पहचान
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान कुलदीप पाल (33), नाजिम कुरैशी (25), महफूज (40), शोएब कुरैशी (27) और मोहम्मद शकील (33) के रूप में हुई है। सभी आरोपित उत्तर प्रदेश के मेरठ क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार आरोपितों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आंखों में मिर्ची डालकर करते थे लूट
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे एक्सीडेंट का बहाना बनाकर वाहन चालकों को रोकते थे। वाहन रुकते ही चालक की आंखों में मिर्ची पाउडर फेंककर नकदी और कीमती सामान लूट लेते थे। इसके बाद सभी अलग-अलग दिशा में भागकर तय स्थान पर इकट्ठा होते थे।
इंदौर में भी की थीं वारदातें
आरोपितों ने छह जून को मनोज जैन नामक व्यक्ति की कार को एक्सीडेंट का बहाना बनाकर रोका था और एक लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया था। इसके अलावा चोइथराम मंडी चौराहे पर कुनाल सिंघवी की कार रोककर उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया था।
मेरठ से लूट की नीयत से आए थे
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह मेरठ से विशेष रूप से लूटपाट करने के उद्देश्य से कार से निकला था। आरोपितों ने इंदौर के अलावा महाराष्ट्र के नासिक, धूलिया तथा गुजरात के बड़ौदा, वापी, सूरत, दाहोद और अन्य क्षेत्रों में मोबाइल लूट की घटनाएं करना स्वीकार किया है। लूटे गए मोबाइल कार की सीट के नीचे छिपाकर रखे गए थे, जिन्हें मेरठ ले जाकर बेचने की योजना थी। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्यों को पकड़ने में भंवरकुआ थाना प्रभारी संतोष दूधी सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम को पुरस्कृत करने की प्रक्रिया की जा रही है।