
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भ्रष्ट महिला एवं बाल विकास अधिकारी लक्ष्मीनारायण कंडवाल ने 1986 में ग्राम सुनाला में माध्यमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी की शुरुआत की थी। उस वक्त कंडवाल की माली हालत ठीक नहीं थी। महिला एवं बाल विकास अधिकारी बनने के बाद कंडवाल ने जमकर चांदी कूटी और करोड़ों रुपये की संपत्ति बना ली।
एसपी (लोकायुक्त) डॉ. राजेश सहाय के अनुसार, करीब एक महीने से कंडवाल की संपत्ति की जांच चल रही थी। मंगलवार को पुलिस ने उनके खिलाफ कोर्ट से सर्च वारंट निकाला और छह टीमें गठित कीं।
टीम निजी वाहनों से स्कीम-103 स्थित मकान पर पहुंची, पर कंडवाल ने दरवाजा नहीं खोला। डीएसपी सुनील तालान और एएसआई रहीम खान पड़ोसी की छत पर चढ़कर कंडवाल की छत पर आ गए। आवाज लगाने पर कंडवाल चौंक गए और खुद ही दरवाजा खोलने जा पहुंचे। बाहर निरीक्षक आशुतोष मिठास बल लेकर खड़े हुए थे। टीम ने कंडवाल को कब्जे में कर लिया और घर की छानबीन शुरू कर दी।
छानबीन के दौरान कंडवाल के बेटे अभिषेक और पवन के रूम में शराब की बोतलें पड़ी हुई थीं। महिला पुलिस ने कंडवाल की पत्नी शारदा और बहू तनु व हर्षिता को कब्जे में लिया। करीब पांच घंटे चली छानबीन के दौरान संपत्ति और लॉकर की जानकारी जुटा ली गई।
डीएसपी के अनुसार, लक्ष्मीनारायण कंडवाल का करियर ग्राफ इस प्रकार रहा...
डीएसपी के अनुसार, कंडवाल के बेटे अभिषेक और पवन सुपर मार्केट का काम संभालते हैं। इसकी कीमत करीब 3,573,218 रुपये बताई गई है। पुलिस ने पुत्रवधू तनु निनामा और पत्नी शारदा के नाम से भी संपत्ति की जानकारी निकाली है।
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