
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर में शराब दुकानों पर एमआरपी से अधिक दाम वसूलने का खेल लगातार जारी है, लेकिन आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली इस पर सवाल खड़े कर रही है। हालात यह हैं कि शराब खरीदने वाले उपभोक्ता लगातार सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, मगर जांच का जिम्मा उन्हीं आबकारी अधिकारियों को सौंपा जा रहा है जिन पर दुकानों की निगरानी की जिम्मेदारी है।
नतीजा यह कि लगभग हर मामले में शिकायत को गलत बताकर बंद करने की कोशिश की जा रही है। नियमों के अनुसार शराब की बिक्री एमएसपी (न्यूनतम विक्रय मूल्य) से कम और एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) से अधिक नहीं की जा सकती। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश दुकानों पर खुलेआम एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जा रही है। शहर में भी ऐसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रहा है।
शराब दुकानों की निगरानी, बिक्री व्यवस्था और नियमों के पालन की जिम्मेदारी आबकारी विभाग के संबंधित वृत्त के अधिकारियों पर होती है। एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने की शिकायत आने पर जांच भी उन्हीं अधिकारियों से कराई जा रही है। ऐसे में हितों के टकराव की स्थिति बन रही है। शिकायतकर्ता सवाल उठा रहे हैं कि जब निगरानी करने वाला अधिकारी ही जांच करेगा, तो निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
देपालपुर क्षेत्र के निवासी छोटू वर्मा ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने शराब दुकान से एक बीयर केन खरीदी, जिसकी एमआरपी 140 रुपये थी, लेकिन उनसे इससे अधिक कीमत वसूली गई। शिकायत आबकारी विभाग को भेजी गई और जांच संबंधित वृत्त के आबकारी उप निरीक्षक ने की। जांच प्रतिवेदन में दावा किया गया कि संबंधित दुकान पर बीयर 130 रुपये में बेची जा रही थी और एमआरपी से अधिक मूल्य लेने की पुष्टि नहीं हुई। विभाग ने शिकायत को निराकरण की ओर बढ़ा दिया, लेकिन शिकायतकर्ता जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुए।
सांवेर क्षेत्र के ग्राम सोलसिंदा निवासी सचिन राठौर ने धरमपुरी क्रमांक-2 शराब दुकान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि ब्लेंडर्स प्राइड की 1650 रुपये एमआरपी वाली बोतल निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर बेची जा रही है। मामले की जांच भी संबंधित आबकारी उप निरीक्षक ने की और रिपोर्ट में अधिक मूल्य पर बिक्री की पुष्टि नहीं होने की बात कही। शिकायतकर्ता ने जांच पर सवाल उठाते हुए अपनी शिकायत बरकरार रखी है।
एमआरपी से अधिक दाम पर शराब बिक्री के मामले में अब 93 लाख का जुर्माना लगाया जा चुका है और इसमें 86 लाख वसूली की जा चुकी है। शिकायत मिलने पर अलग-अलग स्तर पर दुकानों की जांच कराई जाती है।- अभिषेक तिवारी, सहायक आबकारी आयुक्त