
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। संपदा 2.0 साफ्टवेयर पर की गई आनलाइन मैपिंग की गड़बड़ी अब शहर में रजिस्ट्री कराने वालों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। कई कालोनियों की लोकेशन गलत दर्ज होने से संपत्तियों की गाइडलाइन दरें बदल रही हैं और रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
सर्विस प्रोवाइडर द्वारा रजिस्ट्री की प्रक्रिया करने के दौरान आनलाइन लोकेशन गलत आ रही है और पोर्टल पर गलत लोकेशन के कारण दस्तावेज प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में लोग सुधार के लिए पंजीयन कार्यालय पहुंच रहे हैं।
संपदा 2.0 की शुरुआत से पहले पूरे जिले की आनलाइन मैपिंग कराई थी। इसके लिए पंजीयन कार्यालय को प्रतिदिन लक्ष्य दिया था। जल्दबाजी में काम पूरा करने और पूरे क्षेत्र की जानकारी नहीं होने से कई कालोनियों की मैपिंग गलत क्षेत्र में दर्ज हो गई। कुछ कालोनियों का पूरा हिस्सा दूसरी लोकेशन में चला गया, जबकि कई जगह आधी कालोनी एक क्षेत्र और आधी दूसरे क्षेत्र में दर्ज हो गई।
इसका असर रजिस्ट्री में सामने आ रहा है। पोर्टल पर संपत्ति की वास्तविक लोकेशन की जगह दूसरे क्षेत्र का नक्शा खुलने से संबंधित क्षेत्र की गाइडलाइन दर लागू हो रही है। इससे रजिस्ट्री शुल्क में भी बदलाव हो रहा है और दस्तावेजों का सत्यापन पूरा नहीं हो पा रहा है। बिचौली मर्दाना स्थित श्री अग्रवाल नगर कालोनी का एक हिस्सा श्री अग्रवाल नगर व दूसरा दुर्गानगर मूसाखेड़ी की लोकेशन में दिखाई दे रहा है। जबकि पूरा क्षेत्र श्री अग्रवाल नगर का ही हिस्सा है।
जिले में वर्तमान में 4579 लोकेशन पर दस्तावेज पंजीकृत हो रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 597 लोकेशन को मर्ज कर नई बनाई थी। इससे संपदा 2.0 साफ्टवेयर में मर्ज लोकेशनों की मैपिंग आसान हुई है।
गलत लोकेशन के मामले आ रहे हैं। इससे भूखंड और मकानों की आनलाइन मैपिंग में परेशानी आ रही है। आवेदन लेकर सुधार कराया जा रहा है। सुधार होने के बाद संबंधित संपत्ति की सही लोकेशन साफ्टवेयर पर अपडेट हो रही है।
मंजुला पटेल, वरिष्ठ जिला पंजीयक