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अद्भुत है एमपी का जहाज महल... पर पर्यटकों के लिए बनी आफत, कदम रखते ही गायब हो जाता है मोबाइल नेटवर्क

विश्व धरोहर की दौड़ में शामिल मांडू का ऐतिहासिक जहाज महल अपनी स्थापत्य कला से देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन महल परिसर में प्रवेश करत...और पढ़ें

By Rais MohammadEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 05 Jul 2026 05:16:52 PM (IST)Updated Date: Sun, 05 Jul 2026 05:16:52 PM (IST)
अद्भुत है एमपी का जहाज महल... पर पर्यटकों के लिए बनी आफत, कदम रखते ही गायब हो जाता है मोबाइल नेटवर्क
अद्भुत है एमपी का जहाज महल...

नईदुनिया प्रतिनिधि, मांडू। विश्व धरोहर की दौड़ में शामिल मांडू का ऐतिहासिक जहाज महल अपनी स्थापत्य कला से देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन महल परिसर में प्रवेश करते ही पर्यटक डिजिटल दुनिया से कट जाते हैं। यहां न मोबाइल नेटवर्क मिलता है, न इंटरनेट और न ही गूगल मैप काम करता है। ऐसे में यदि किसी पर्यटक की तबीयत बिगड़ जाए, कोई दुर्घटना हो जाए या परिवार से संपर्क करना हो तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

स्थिति यह है कि संस्कृति मंत्रालय और बीएसएनएल की ओर से शुरू की गई डिजिटल हेरिटेज योजना के तहत बनाया गया फ्री वाई-फाई जोन भी अब बंद पड़ा है। उद्देश्य था कि पर्यटकों को बेहतर इंटरनेट सुविधा मिले, वे महल के इतिहास की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकें और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से मांडू का प्रचार-प्रसार हो, लेकिन यह योजना कुछ समय बाद ही दम तोड़ गई।


हजारों पर्यटक प्रतिदिन होते हैं प्रभावित

जहाज महल को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त है। यहां प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों पर्यटक, विदेशी प्रतिनिधिमंडल, इंटरनेट मीडिया कंटेंट क्रिएटर और इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर पहुंचते हैं। अधिकांश पर्यटक स्मार्टफोन के जरिए फोटो, वीडियो, लाइव स्ट्रीम और लोकेशन साझा करना चाहते हैं, लेकिन नेटवर्क नहीं मिलने से ऐसा संभव नहीं हो पाता। स्थानीय लोगों का कहना है कि योजना शुरू होने के समय इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया, लेकिन बाद में इसके रखरखाव और संचालन पर ध्यान नहीं दिया गया।

दो घंटे तक आउट ऑफ नेटवर्क रहते हैं पर्यटक

जहाज महल समूह में तवेली महल, शाही परिसर, हिंडोला महल, चंपा बावड़ी और नाहर झरोखा सहित कई ऐतिहासिक स्मारक शामिल हैं। इनका भ्रमण करने में सामान्यतः दो घंटे या उससे अधिक समय लगता है। इस दौरान पूरे परिसर में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की समस्या बनी रहती है। कई पर्यटक असुविधा के कारण भ्रमण बीच में ही छोड़कर लौट जाते हैं। सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा को लेकर है। यदि किसी पर्यटक के साथ दुर्घटना हो जाए या स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति उत्पन्न हो जाए तो तत्काल संपर्क नहीं हो पाने से हालात गंभीर हो सकते हैं।

पर्यटकों ने साझा किए अनुभव

महल इतना सुंदर था कि फोटो खींचने में समय निकल गया। बाहर आकर देखा तो 17 मिस्ड कॉल और मां का संदेश था - तुम ठीक हो ना? नेटवर्क नहीं मिलने से घरवाले परेशान हो गए थे। - प्रिया गोस्वामी, पर्यटक, मुंबई

जहाज महल बेहद खूबसूरत है, लेकिन मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से परेशानी हुई। हम अपने विदेशी मित्रों के साथ मांडू की खूबसूरती लाइव साझा करना चाहते थे और रील बनाकर इसका प्रचार करना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। - अतुल शर्मा, पर्यटक, इंदौर

क्यों जरूरी है डिजिटल कनेक्टिविटी?

  • पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा: यदि महल परिसर में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध हो तो पर्यटक तुरंत फोटो, वीडियो, रील और लाइव लोकेशन साझा कर सकेंगे। इससे मांडू का वैश्विक स्तर पर निःशुल्क प्रचार होगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
  • आपात स्थिति में मिलेगी मदद: दुर्घटना, स्वास्थ्य समस्या या रास्ता भटकने जैसी परिस्थितियों में तत्काल कॉल या संदेश भेजना संभव होगा, जिससे समय पर सहायता मिल सकेगी।
  • डिजिटल गाइड और इतिहास: वाई-फाई सुविधा के माध्यम से पर्यटक क्यूआर कोड स्कैन कर स्मारकों का इतिहास, ऑडियो गाइड, 3डी मॉडल और बहुभाषी जानकारी अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे।
  • डिजिटल भुगतान होगा आसान: प्रवेश टिकट, गाइड शुल्क और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी यूपीआई एवं अन्य डिजिटल माध्यमों से आसानी से हो सकेगी, जिससे डिजिटल इंडिया अभियान को भी मजबूती मिलेगी।

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अधिकारियों को ही नहीं योजना की जानकारी

मुझे इस योजना की जानकारी नहीं है। आज रविवार है, सोमवार को जानकारी लेकर बता पाऊंगा। - आरके उपाध्याय, इंदौर रीजनल मैनेजर, बीएसएनएल

मैं वर्ष 2023 में यहां पदस्थ हुआ हूं। इस योजना की जानकारी नहीं है, जानकारी जुटाकर बताऊंगा। - हरिओम मंडलोई, एसडीओ, बीएसएनएल धार

(नोट: धार के टीडीएम एसके नामदेव से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।)