
रामकृष्ण मुले, नईदुनिया इंदौर: कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ समाज को सशक्त बनाने की दिशा में माधव सृष्टि कैंसर केयर एवं संस्था उम्मीद ने प्रेरक पहल की है। इसके लिए सवा करोड़ से अधिक की लागत से आधुनिक मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग बस तैयार की गई है।
इसके माध्यम से रोगों की जांच और उपचार के साथ ही जनजागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जाएगा। इस बस के माध्यम से वेलनेस क्लीनिक बस्तियों और शहर के आसपास के उन ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचेगा, जिनके लिए रोग की पहचान और उपचार की राह आसान नहीं है।
संस्था प्रमुख योगेंद्र जैन (सांड) ने बताया कि बस को विशेष रूप से डिजाइन किया गया। इसमें स्तन कैंसर की जांच हेतु डिजिटल मैमोग्राफी, सर्वाइकल एवं ओरल कैंसर स्क्रीनिंग की सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए आडियो-विजुअल प्रस्तुतियों के लिए एलईडी स्क्रीन भी लगी है, जिसे लोग एवं सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आधुनिक हेल्थ एटीएम भी स्थापित किया गया है, जिससे रक्तचाप, शुगर, वजन, बीएमआइ जैसी प्राथमिक जांच की जा सकेगी।
संस्था उम्मीद के संस्थापक डॉ. गौरव खंडेलवाल के अनुसार बस इंदौर शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में डोर-टू-डोर एवं कैंप आधारित माडल पर कार्य करेगी, ताकि ऐसे लोग भी जांच करा सकें जो किसी कारणवश अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते हैं। इसमें गायत्री और शिव मंत्रों के साथ ही आध्यात्मिक प्रतीक चिह्नों का प्रेरक इस्तेमाल किया गया है।
संस्था संचालन प्रमुख पारस कटारिया ने बताया कि इस बस का संचालन समाजसेवियों एवं परोपकारी दाताओं के सहयोग से निरंतर किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह जीवनरक्षक सेवाएं पहुंच सकें।
समाजसेवी अनोखीलाल जैन ने कहा कि यह पहल कैंसर के बढ़ते खतरे को कम करने, प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान करने तथा लोगों को समय पर उपचार के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आधुनिक तकनीक को समुदाय तक पहुंचाकर यह परियोजना न केवल जीवन बचाने में सहायक होगी, बल्कि समाज में निवारक स्वास्थ्य जांच की संस्कृति को भी मजबूत करेगी।
पिछले 10 वर्षों से कैंसर देखभाल के क्षेत्र में सक्रिय संस्था उम्मीद ने हजारों रोगियों को उपचार एवं परामर्श प्रदान किया है। कीमोथेरेपी केंद्र के माध्यम से अब तक नौ हजार से अधिक कैंसर मरीजों को उपचार का लाभ मिल चुका है। जरूरतमंद रोगियों को 70 से 80 प्रतिशत तक रियायती दरों पर कीमोथेरेपी उपलब्ध कराई गई, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए भी उन्नत इलाज संभव हो सका।