
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने शिक्षकों के लिए होने वाली राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) रविवार को संपन्न हुई। जहां प्रदेशभर में बनाए गए 309 केंद्रों पर 71 फीसद उपस्थिति दर्ज की गई। एक लाख तीन हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया।
खासबात यह है कि नकल रोकने के लिए केंद्रों पर सख्ती होने के बावजूद कई अभ्यर्थी स्मार्ट वाच पहनकर परीक्षा कक्ष तक पहुंच गए। उज्जैन के विभिन्न केंद्रों पर यह गड़बड़ी देखी गई। जहां पांच अभ्यर्थियों के खिलाफ नकल प्रकरण बनाया है। अधिकारियों के मुताबिक बाकी शहरों में बेहतर ढंग से परीक्षा खत्म हुई है। अगले कुछ दिनों के भीतर विषयवार प्रावधिक उत्तरकुंजी जारी की जाएगी।
हिन्दी, अंग्रेजी, इतिहास, वाणिज्य, विज्ञान, मराठी, उर्दू और गणित सहित 31 विषयों में सेट परीक्षा हुई। प्रदेशभर से 1 लाख 46 हजार में से 1 लाख 3 हजार अभ्यर्थी सम्मिलित हुए। अकेले इंदौर जिले में 100 केंद्रों पर 75 फीसद अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जिसमें 28 हजार 500 अभ्यर्थी शामिल है।
केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने से चालीस मिनट पहले अभ्यर्थी पहुंचने लगे। होलकर साइंस, ओल्ड जीडीसी, न्यू जीडीसी, एसजीएसआइटीएस सहित कई केंद्र थे। यहां नकल रोकने के लिए दो से तीन स्तर पर अभ्यर्थियों की चेकिंग की गई। कई वस्तुओं पर प्रतिबंध होने के बावजूद अभ्यर्थी स्मार्ट वाच और ब्लूटूथ डिवाइस लेकर पहुंचे। केंद्राध्यक्षों ने परीक्षा देने के पहले ही बाहर रखवाए।
फोटो आइडी प्रूफ और प्रवेश पत्र दिखाने के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया। 15 मिनट पहले ओएमआर शीट वितरित की गई। सुबह 11:55 बजे प्रश्नपत्र दिए गए। मगर उसके पहले केंद्राध्यक्षों ने अभ्यर्थियों से समझाया कि को निर्धारित स्याही वाला पेन और पारदर्शी पानी की बोतल के अलावा कक्ष में अन्य किसी वस्तु की अनुमति नहीं दी गई है।
खड़े हो रहे सवाल आयोग ने परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने को पुख्ता इंतजाम कर रखे थे। बावजूद इसके अभ्यर्थी कैसे स्मार्ट वाच पहनकर कक्ष में पहुंच गए। इसे लेकर अब सवाल खड़े हो रहे है। परीक्षा के दौरान 9 प्रकरण बनाए गए, जिसमें अकेले पांच उज्जैन में बने है।
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तार्किक प्रश्नों में उलझे अभ्यर्थी दोपहर 12 से 3 बजे के बीच पेपर हुए, जिसमें सामान्य अध्ययन और विषय आधारित पेपर शामिल थे। 100 अंकों का सामान्य अध्ययन पेपर में 50 प्रश्न पूछे गए। सामान्य योग्यता, तर्कशक्ति, भाषा व सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न थे। अधिकांश विद्यार्थी तार्किक प्रश्नों में उलझे गए। पेपर को एक घंटे में हल करना था।
जबकि पेपर का दूसरा हिस्सा विषय आधारित था। 200 अंक पेपर में 100 प्रश्न आए। आयोग के ओएसडी रवींद्र पंचभाई का कहना है कि उज्जैन में सबसे ज्यादा नकल प्रकरण बने है। पांच अभ्यर्थी स्मार्ट वाच पहने थे।