
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नगर निगम के जोन क्रमांक 2 पर फर्जी रसीदों से संपत्तिकर, जलकर और कचरा प्रबंधन शुल्क से दो करोड़ रुपये ज्यादा का घोटाला कर दिया। शहर कांग्रेस ने यह आरोप लगाया है। शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कुल 232 रसीदों के नंबर के साथ नगर निगम की लेजर रिपोर्ट भी साथ में जारी की है।
कांग्रेस ने कमिश्नर को शिकायत की कि एक ही जोन पर संपत्तिकर की 96 रसीदें, जलकर की 38 रसीदें और कचरा शुल्क की 98 रसीदों से लिया गया पैसा निगम के खजाने में जमा ही नहीं हुआ। कांग्रेस की ओर से इन रसीदों के साथ कुल हिसाब भी जारी कर दिया गया है। चौकसे के अनुसार इन रसीदों से करदाता नागरिकों से कुल 2 करोड़ 47 हजार 509 रुपये लिए गए। हालांकि ये रुपये आज तक नगर निगम के खजाने में ही जमा नहीं किए गए। इसके लिए फर्जी रसीद छपवाई गई थी।
इतना ही नहीं ऐसी कई रसीदों से संपत्तिकर के खातों में हेरफेर कर दिया गया। जो पहले निगम के बकायादार थे उनके नाम हटा दिए गए। कई नामांतरण हो गए। कई ऐसी संपत्तियां भी पता चली है कि जिनका क्षेत्रफल पहले ज्यादा था और बाद में रिकार्ड में कम कर दिया गया। इस बीच कमिश्नर के पास कांग्रेस अध्यक्ष की शिकायत पहुंचने के बाद मामले में संबंधित जोन के अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिया गया है।
चिंटू चौकसे ने कहा कि जोन के सहायक राजस्व अधिकारी अखिलेश मालवीय और संयम नीमा पर घोटाले को अंजाम देने की जवाबदारी आ रही है। क्योंकि रसीदें काटने से लेकर पैसा जमा करवाना इनकी जिम्मेदारी थी। हालांकि ये सोचने वाली बात है कि नगर निगम में फर्जी रसीदें दी जाती रही। लोगों के नामांतरण और नाम परिवर्तित होते रहे। संपत्तियों के क्षेत्रफल कम हुए और ऊपर के अधिकारियों ने कभी देखा नहीं।
अब हमारी शिकायत और दस्तावेज सामने रखने के बाद इस पर नोटिस जारी कर खानापूर्ति की जा रही है। अभी सिर्फ एक जोन के कागज सामने आए हैं। हर जोन पर ऐसे घोटाले हो रहे हैं और नगर निगम को भाजपा ने भ्रष्टाचार निगम बना दिया है।
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