
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बंगाली चौराहे से पलासिया के बीच मेट्रो को भूमिगत किए जाने से नाराज तिलकनगर, गोयल नगर व साईंनाथ कॉलोनी के रहवासियों ने रविवार को बंगाली चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। सुबह 300 से ज्यादा लोग हाथ में मेट्रो के विरोध में तख्तियां लेकर बंगाली चौराहे पर बने मेट्रो स्टेशन के सामने पहुंचे और नारेबाजी की।
साईंनाथ के रहवासी मनोज दलाल का कहना है कि रहवासी क्षेत्र से भूमिगत मेट्रो नहीं निकलना चाहिए। पूर्व में कनाड़िया मेन रोड से मेट्रो को एलिवेटेड ले जाने की योजना थी। ऐसे में इस रोड के नीचे से भूमिगत मेट्रो की सुरंग बनाई जानी चाहिए। इस क्षेत्र में कई पुराने मकान हैं। ऐसे में सुरंग बनने से पुराने मकानों में दरारें आने की आशंका है। इसको लेकर रहवासियों ने चिंता जताई है।
रहवासी विपुल जैन के मुताबिक, घरों के नीचे से मेट्रो की सुरंग का निर्माण होने पर कई लोगों के घरों के बोरिंग भी खत्म हो जाएंगे। मेट्रो प्रबंधन को इस क्षेत्र के अलावा किसी अन्य क्षेत्र से मेट्रो की सुरंग का निर्माण करना चाहिए।
वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत नगर निगम के लिए राहतभरी रही। 12 सितंबर को आयोजित इस लोक अदालत में नगर निगम को 97.57 करोड़ रुपये राजस्व के रूप में मिले। इसमें से 92.71 करोड़ रुपये का राजस्व संपत्ति कर, जल कर और कचरा कर के रूप में आम नागरिकों ने जमा कराया, जबकि इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने 3.36 करोड़ और मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये टैक्स के रूप में जमा कराया। शनिवार देर रात तक नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी रसीदों की एंट्री में जुटे रहे, जिसके बाद रविवार को आंकड़े जारी हुए।
प्रभारी महापौर राजेंद्र राठौर, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, राजस्व प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति नागरिकों में अपेक्षा से ज्यादा उत्साह नजर आया। सुबह से ही जोनल कार्यालयों सहित निगम मुख्यालय पर करदाताओं की कतारें नजर आने लगी थीं। राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन वर्षा के बावजूद नागरिकों का उत्साह कम नहीं हुआ।
राष्ट्रीय लोक अदालत में नगर निगम को संपत्ति कर के रूप में लगभग 89 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इसके अलावा जल कर के रूप में लगभग आठ करोड़ रुपये और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शुल्क के रूप में 55 लाख रुपये प्राप्त हुए। नागरिकों की सुविधा को देखते हुए निगम के सभी राजस्व कार्यालय देर रात तक खुले रहे।
इस बार ई-नगर पालिका पोर्टल ने राष्ट्रीय लोक अदालत में सफलतापूर्वक काम किया। पोर्टल के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया पूरे दिन सुचारु और निर्बाध रूप से चलती रही। जोनल कार्यालयों सहित किसी भी जगह से पोर्टल को लेकर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन 24,660 रसीदें बनीं।
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