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2019 से परीक्षाओं के परिणाम से 87-13 का फॉर्मूला खत्म करें, नहीं तो दोबारा बड़ा आंदोलन करने की दी चेतावनी

नीट पेपर लीक को लेकर आंदोलन करने वाले नेशनल एजुकेशन यूथ यूनियन (नेयू) के पदाधिकारियों को पुलिस ने रिहा कर दिया है। सोमवार को नेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष...और पढ़ें

By Kapil NileyEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Tue, 28 Jul 2026 12:29:13 PM (IST)Updated Date: Tue, 28 Jul 2026 12:29:13 PM (IST)
2019 से परीक्षाओं के परिणाम से 87-13 का फॉर्मूला खत्म करें, नहीं तो दोबारा बड़ा आंदोलन करने की दी चेतावनी
नेयू के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता में एमपीपीएससी की परीक्षाओं में अनियमिता के बारे में बताया। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. नेशनल एजुकेशन यूथ यूनियन के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता में पुलिस प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
  2. मांग की है कि वर्ष 2019 से भर्ती परीक्षाओं के परिणाम से 87-13 प्रतिशत का फॉर्मूला समाप्त किया जाए
  3. दोनों भर्ती संस्थाओं की परीक्षाओं में पेपर लीक और प्रश्न-पत्रों में त्रुटियों की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : नीट पेपर लीक को लेकर आंदोलन करने वाले नेशनल एजुकेशन यूथ यूनियन (नेयू) के पदाधिकारियों को पुलिस ने रिहा कर दिया है। सोमवार को नेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राधे जाट, विजय चौधरी और सुरेंद्र यादव ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) और मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) में लगातार हो रही अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही मांग की है कि वर्ष 2019 से भर्ती परीक्षाओं के परिणाम से 87-13 प्रतिशत का फार्मूला समाप्त किया जाए।

प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में नेयू के पदाधिकारियों ने कहा कि दोनों भर्ती संस्थाओं की परीक्षाओं में पेपर लीक और प्रश्न-पत्रों में त्रुटियों की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो छात्र दोबारा बड़ा आंदोलन करेंगे।


संगठन ने ये मांगे रखीं

  • 13 प्रतिशत होल्ड सूची के अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।
  • साक्षात्कार के अंक अधिकतम 100 निर्धारित किए जाएं।
  • प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों में त्रुटियों के लिए छात्रों से लिया जाने वाला शुल्क समाप्त हो।

इकोनामिक सर्वे 2024-25 का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में 33 लाख 13 हजार बेरोजगार हैं, जबकि चार लाख 87 हजार सरकारी पद रिक्त पड़े हैं। सरकार इन पदों को भरने के बजाय उन्हें ‘डाइंग कैडर’ घोषित कर समाप्त कर रही है।

परिवार को परेशान कर रही पुलिस

नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान नेयू ने न्याय यात्रा निकालने की घोषणा की थी, लेकिन उससे पहले ही पदाधिकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इस संबंध में नेयू के राधे जाट ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यात्रा निकालने से पहले ही संगठन के पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके बाद पुलिस परिवार के सदस्यों को परेशान कर रही है। यहां तक कि घरवालों के मोबाइल फोन भी सर्विलांस पर रख दिए गए हैं और उन्हें धमकाया जा रहा है ताकि संगठन दोबारा कोई आंदोलन व प्रदर्शन न कर सके।

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