
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : शहर में भूमिगत मेट्रो प्रोजेक्ट की सुरंग के निर्माण के लिए एक टनल बोरिंंग मशीन के पुर्जे 12 ट्रालों पर इंदौर पहुंच चुके है। मशीन का सबसे बड़ा पुर्जा कटर मशीन जो सुरंग के लिए जमीन के नीचे खोदाई का कार्य करेगा वो भी पहुंच गया है।
दूसरी टनल बोरिंग मशीन थाईलैंड से समुद्र मार्ग के माध्य से मुंबई पोर्ट के रास्ते पर है। यह अक्टूबर में मुंबई से इंदौर सड़क मार्ग से पहुंचेगी। अभी जो टनल बोरिंग मशीन के पुर्जे इंदौर पहुंचे हैं उन्हें अगस्त में आपस में जोड़कर इंस्टालेशन की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। टनल बोरिंग मशीन को एयरपोर्ट परिसर में बनाए गए 20 मीटर गहरे गडढे में उतारा जाएगा। ऐसे में सितंबर में टनल बोरिंग मशीन से सुरंग निर्माण का कार्य शुरू होगा।
गुरुवार को मेट्रो के डायरेक्टर प्रोजेक्ट संदीप जैमावत भोपाल से इंदौर पहुंचे। उन्होंने इंदौर मेट्रो के अधिकारियों के साथ कार्य प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने बड़ा गणपति, एयरपोर्ट, रामचंद्र नगर व बीएसएफ परिसर में बन रहे मेट्रो के भूमिगत मेट्रो स्टेशन कार्य का निरीक्षण किया।
इंदौर मेट्रो के भूमिगत हिस्से में सुरंग बनाने के लिए 14 टेलर में टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के पुर्जे इंदौर पहुंच चुके हैं। इन्हें एयरपोर्ट स्थित मेट्रो स्टेशन की साइट पर रखा गया है। अभी तीन ट्रेलर आना शेष हैं। इसमें टनल बोरिंग मशीन के आगे का हिस्सा जिसे कटर कहा जाता है, वो आना शेष है।
एयरपोर्ट के पास फिलहाल ट्रेलर से पहुंचे पुर्जों को ढंककर रखा गया है। सभी पुर्जों के पहुंचने के बाद टनल बोरिंग मशीन को असेंबल करने का काम शुरू किया जाएगा। अभी जिस 20 मीटर गड्ढे में उतारा जाएगा, वो भी तैयार हो चुका है।
320 टन वजनी मशीन को जमीन में उतारने के लिए हाइड्रोलिक क्रेन व उसके पुर्जे भी पहुंच चुके हैं। टीबीएम मशीन का एक अहम पार्ट ग्रेनिटी को खोला गया है। यह टीबीएम का ही एक हिस्सा है, जिसके माध्यम से सुरंग निर्माण के दौरान मिट्टी को बाहर निकाला जाएगा।