
उदय प्रताप सिंह, इंदौर। बड़ा गणपति पर बनाए जाने वाले अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए वेयर हाउस की जमीन पर मेट्रो प्रबंधन निर्माण कार्य शुरू कर चुका है। मेट्रो स्टेशन के लिए वेयर हाउस के पास शासकीय जमीन का उपयोग भी किया जाएगा। ऐसे में इस जमीन पर बने 16 मकानों को हटाया जाएगा।
इन्हें हटाने के बदले मेट्रो प्रबंधन मुआवजा भी देगा। मुआवजे के लिए मेट्रो प्रबंधन द्वारा प्रशासन को मुआवजे की 1.29 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है। यह पहला मौका होगा जब शहर में अवैध रूप से बने मकानों को हटाने के लिए मेट्रो प्रबंधन मुआवजा दे रहा है।
वेयर हाउस के पास शासकीय जमीन के पास बने 16 मकानों में रहने वाले लोगों को प्रत्येक परिवार के हिसाब से मुआवजा राशि देने का प्रविधान किया गया है। यहां पर कुछ पक्के तो कुछ टिन शेड़ वाले मकान बने हुए है। पीडब्ल्यूडी द्वारा यहां बने मकानों की निर्माण लागत का आकलन किया गया है।
इसके अलावा वहां रहने वालों के रोजगार के आधार पर उन्हें प्रतिपूर्ति का आकलन कर यहां रहने वालों को मुआवजा की राशि दी जाएगी। प्रशासन द्वारा यहां रहने वाले लोगों को दो विकल्प दिए जाएगा। पहले विकल्प के रूप में रंगवासा में बने प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैट देने की योजना है। दूसरे विकल्प के रूप में यहां रहने वालों को उनके मौजूदा भवन की निर्माण लागत की राशि देने की प्रविधान है।
मेट्रो के अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) द्वारा लोन दिया जा रहा है। बैंक की लोन शर्तो के मुताबिक मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए किसी क्षेत्र के लोगों को विस्थापित किए जाने के बदले में उन्हें मुआवजा राशि दिए जाने का प्रविधान है। यही वजह है कि मेट्रो प्रबंधन बड़ा गणपति मेट्रो स्टेशन के निर्माण में बाधक 16 मकानों में रहने वालों को मुआवजा राशि दे पा रहा है।
गौरतलब है कि शहर में रोड चौड़ीकरण और अन्य प्रोजेक्ट में बाधक मकानों को हटाने के बदले में नगर निगम अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने फ्लैट ही दे पाता है। इसके अलावा निगम कुछ भूखंडधारकों को टीडीआर का लाभ देता है। निगम द्वारा अभी तक शहरी क्षेत्र में कब्जाधारकों को मुआवजा देने का प्रविधान नहीं है।
16 मकानों में रहने वालों को तहसीलदार के माध्यम से नोटिस जारी किए गए है। उन्हें रंगवासा में निगम द्वारा बनाए गए फ्लैट लेने का विकल्प दिया गया है। यदि कोई वहां नहीं जाना चाहेगा तो उसे मुआवजे की राशि भी देने का प्रविधान है। मेट्रो प्रबंधन द्वारा इसके लिए राशि में दी गई है। -निधि वर्मा, एसडीएम