इंदौर जिले में दस हजार किसानों ने कराया समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का पंजीयन
इस बार पंजीयन के लिए जिले में 61 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। जिला स्तरीय उपार्जन समिति में इस बार जिले में साढ़े तीन लाख मेट्रिक टन उपार्जन का अनुमान ल ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 25 Feb 2026 07:15:47 PM (IST)Updated Date: Wed, 25 Feb 2026 07:18:36 PM (IST)
समर्थन मूल्य की खरीदी।HighLights
- जिले में दस हजार किसानों ने कराया समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का पंजीयन।
- इंदौर संभाग में 54 हजार से अधिक, तो प्रदेश में सर्वाधिक पंजीयन उज्जैन में।
- इस बार जिले में साढ़े तीन लाख मेट्रिक टन उपार्जन का अनुमान लगाया है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन किए जा रहे है। इंदौर जिले में अब तक 10 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। वहीं बीते साल 35 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था।
इस बार पंजीयन के लिए जिले में 61 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। जिला स्तरीय उपार्जन समिति में इस बार जिले में साढ़े तीन लाख मेट्रिक टन उपार्जन का अनुमान लगाया गया है। पंजीयन का कार्य 7 मार्च तक होगा।
प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन को लेकर पंजीयन किए जा रहे हैं और अब तक 4 लाख 42 हजार 288 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। पंजीयन के लिए प्रदेश में 3186 पंजीयन केंद्र ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय, सहकारी समितियों में बनाए गए हैं।
वहीं एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कामन सर्विस सेंटर पर भी सुविधा दी गई है। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है।
इंदौर संभाग में सर्वाधिक पंजीयन
- प्रदेश के सभी संभागों में पंजीयन की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में सर्वाधिक एक लाख 48 हजार 905 पंजीयन उज्जैन संभाग में हुए हैं।
- दूसरे नंबर पर भोपाल है, जहां पर एक लाख 9 हजार 134 पंजीयन हुए हैं।
- इंदौर संभाग में 54 हजार 587, ग्वालियर में 9695, चम्बल में 4692, जबलपुर में 39 हजार 885, नर्मदापुरम में 34 हजार 181, रीवा में 13 हजार 260, शहडोल में 2551 और सागर में 25 हजार 398 किसानों ने पंजीयन कराया है।