सरकार गाय की देखभाल और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करे, ईद की नमाज के मौके पर बोले इंदौर शहर काजी डॉ. इशरत अली
शहर काजी डॉ. इशरत अली ने कहा कि अखबार में एक खबर आई कि दुनिया में सबसे गर्म 100 शहरों में भारत के 95 शहर हैं। यह हमारे लिए चिंता का सबब है। ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 28 May 2026 11:59:52 AM (IST)Updated Date: Thu, 28 May 2026 12:05:52 PM (IST)
इंदौर के सदर बाजार के ईदगाह में मुस्लिम समाजजन ने ईद की नमाज अदा की। (प्रफुल्ल चौरसिया ‘आशु’)HighLights
- बोले- हर इंसान एक दरख़्त जरूर लगाए और पर्यावरण को बचाए
- साथ ही उन्होंने बारिश का पानी जमीन में उतारने की भी अपील की
- बोले- अब हमारे यहां भी अरब देशों जैसी गर्मी पड़ने लगी है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सरकार गाय की देखभाल और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करे और गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए। यह बात शहर काजी डॉ. इशरत अली ने सदर बाजार ईदगाह पर ईद की नमाज के मौके पर कही।
ईद उल-अजहा के मौके पर शहर के सदर बाजार स्थित ईदगाह पर मुस्लिम समाजजन ने विशेष नमाज अदा की। समाजजन ने अल्लाह के सजदे में सिर झुकाकर सुख-समृद्धि की दुआ मांगी। इस अवसर पर शहर काजी डॉ. इशरत अली ने कहा कि अखबार में एक खबर आई कि दुनिया में सबसे गर्म 100 शहरों में भारत के 95 शहर हैं। यह हमारे लिए चिंता का सबब है। अब हमारे यहां भी अरब देशों जैसी गर्मी पड़ने लगी है। इसकी वजह है विकास के नाम पर काटे जा रहे हरे-भरे दरख़्त। मैं अपील करता हूं के हर इंसान एक दरख़्त जरूर लगाए और पर्यावरण को बचाए। साथ ही उन्होंने बारिश का पानी जमीन में उतारने की भी अपील की।
ईदगाह में नमाज से पहले शहर काजी डॉ. इशरत अली ने सौहार्द और सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने गाय को राष्ट्रीय धरोहर मानने की वकालत की, जिसका वहां मौजूद नमाजियों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। उन्होंने आगे कहा कि देश में मांग उठा रही है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए।
इसके चलते हम मांग करते हैं कि गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए, ताकि उसके कटने पर पाबंदी लग सके। इसके साथ ही उन्होंने पानी बचाने की भी अपील की। वहीं उन्होंने शहर में बढ़ रही नशाखोरी को लेकर कहा कि युवा इससे बचें। नशा नौजवानों की नस्लों को खत्म कर रहा है। नशे की लत से तो बचे हीं, लेकिन इसे बेचने से भी दूर रहें।
हिंदू परिवार ने निभाई परंपरा
इंदौर में 50 से अधिक वर्षों से निभाई जा रही अनोखी परंपरा एक बार फिर निभाई गई। ईद पर शहर काजी को उनके घर से नमाज स्थल तक लाने और छोड़ने की जिम्मेदारी एक हिंदू परिवार ने निभाई। सत्यनारायण सलवाडिया और उनके परिवार ने इस परंपरा को निभाया।
शहर काजी का हिंदू परिवार ने स्वागत किया और ईद की मुबारकबाद दी। वहीं शहर में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।