
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर एयरपोर्ट पर बाधित होने वाले यातायात की सुविधा के लिए प्रवेश और निकासी की व्यवस्था अलग-अलग करने की योजना बनी थी। इस प्रस्ताव तैयार कर एयरपोर्ट प्रबंधन ने मुख्यालय भेज दिया है। मुख्यालय से स्वीकृति मिलते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
प्रवेश वर्तमान स्थान से ही रहेगा, जबकि निकासी की व्यवस्था बिजासन की तरफ से की जाएगी। इस व्यवस्था के शुरू होने से वाहनों का आवागमन आसानी से हो सकेगा और पीक अवर्स में होने वाली परेशानी से यात्री बच सकेंगे।
इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर बीते माह हुई बैठक में निर्णय हुआ था कि प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग द्वारा किए जाए। कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस प्रस्ताव को जल्द ही अमल में लाने के निर्देश दिए थे, ताकि सिंहस्थ से पहले यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा हो सके।
एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि प्रवेश और निकासी का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेज दिया है। इसके बाद मुख्यालय से प्लानिंग विभाग के अधिकारी विगत दिनों इंदौर का दौरा भी कर चुके है। इसमें प्रवेश और निकासी की अलग-अलग व्यवस्था का अवलोकिन किया गया था।निरीक्षण के बाद अब जल्द ही इसकी स्वीकृति मिलेगी और प्रवेश और निकासी व्यस्था में परिवर्तन किया जाएगा।
यात्रियों को एयरपोर्ट पर छाेडने आने वाले वाहनों के लिए टर्मिनल के बाहर थ्रू लाइन बनाई गई है। यात्री संख्या बढ़ने के कारण यहां पर वाहनों का अधिक दबाव देखने में आता है। ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया अगल-अलग होने के बाद थ्रू लाइन क्षेत्र का विस्तार भी किया जाएगा, ताकि वाहन आसानी से टर्मिनल के बाहर आकर यात्रियों को छोड़ और लेने के लिए आ सके।
इंदौर एयरपोर्ट पर लगातार यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है, ऐसे में पीकअवर्स में एयरपोर्ट पर प्रवेश और निकासी वाली लाइन में कई बार वाहनों की लंबी कतारे लग जाती है। परेशानी से बचने के लिए कई लोग एयरपोर्ट के बाहर ही सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते है। इससे बाहर भी जाम लगने लगता है। बाहर खड़े होने वाले वाहनों का मुद्दा भी कई बार एयरपोर्ट कमेटी की बैठक में उठा है।