इंदौर के शिल्पू भदौरिया हत्याकांड में तीन को उम्रकैद, शराब पिलाई, गला घोंटा फिर चौथी मंजिल से नीचे फेंका था
इंदौर के दस साल पुराने शिल्पू भदौरिया हत्याकांड में सेशन कोर्ट ने तीनों आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 25 Apr 2026 08:03:35 AM (IST)Updated Date: Sat, 25 Apr 2026 08:10:28 AM (IST)
इंदौर सेशन कोर्ट और शिल्पू भदौरिया की तस्वीर।HighLights
- आशुतोष जोहरे, शैलेंद्र सारस्वत और नीरज दंडोतिया ने शिल्पू को होटल में बुलाकर शराब पिलाई, फिर की हत्या
- मौत दम घुटने से हुई, संघर्ष के निशान मिले, नाखूनों में त्वचा; चौथी मंजिल से गिरना नहीं था मौत का कारण
- हत्यारों द्वारा साक्ष्य मिटाने की कोशिश भी नाकाम रही, घटनास्थल से पुलिस को आपत्तिजनक सामग्री भी मिली थी
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। दस साल पुराने शिल्पू भदौरिया हत्याकांड में सेशन कोर्ट ने तीनों आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हत्यारों ने पहले शिल्पू के साथ बैठकर शराब पी, फिर उसका दम घोटकर उसे चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारों ने साक्ष्य मिटाने का प्रयास भी किया था, लेकिन उनकी यह चालाकी काम नहीं आई।
वारदात 7 अगस्त 2016 की रात करीब 9 बजे हुई थी। आरएनटी मार्ग स्थित होटल लेमन ट्री के कमरा नंबर 418 में दोस्तों के साथ ठहरी शिल्पू पुत्री रमेशसिंह भदौरिया निवासी गायत्री विहार ग्वालियर का शव होटल की तल मंजिल पर पड़ा था। उसके साथ कमरे में ठहरे आरोपित आशुतोष सुधाकर जोहरे, शैलेंद्र पवन सारस्वत और नीरज हर्षकुमार दंडोतिया तीनों निवासी ग्वालियर ने पुलिस को बताया था कि शिल्पू ने होटल के कमरे की गैलेरी से कूदकर आत्महत्या की है।
आत्महत्या करने की बात कही
उनका कहना था कि वे तीनों होटल के रूम में बैठकर शराब पी रहे थे। शिल्पू आशुतोष को शराब पीने से रोक रही थी, लेकिन वह नहीं माना। इस बात को लेकर शिल्पू नाराज होकर गैलेरी में गई और उसने वहां से कूदकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने जांच शुरू की तो धीरे-धीरे हत्याकांड की परतें खुलने लगीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि तीनों युवकों ने पहले शिल्पू के साथ बैठकर शराब पी। फिर उसका दम घोटकर उसे चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया।
संघर्ष के निशान मिले थे
एजीपी श्याम दांगी ने अभियोजन की तरफ से पैरवी की। उन्होंने बताया कि पुलिस को घटना स्थल से कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी मिली थी। इस बात की पुष्टि भी हुई कि आरोपितों ने इस सामग्री का उपयोग भी किया था। तीनों आरोपितों में से एक ने होटल में कमरा बुक किया था।
हत्यारों ने पुलिस को बरगलाने के लिए कहा था कि शिल्पू की मौत चौथी मंजिल से गिरने की वजह से हुई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डॉक्टर के बयान से यह बात सिद्ध हुई कि शिल्पू की मौत दम घुटने से हुई थी।
मृत्यु से पहले उसने आरोपितों से संघर्ष भी किया था। उसके नाखूनों में त्वचा भी पाई गई। मृत्यु से कुछ समय पहले शिल्पू द्वारा शराब के सेवन की पुष्टि भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई। एजीपी दांगी ने बताया कि शुक्रवार को न्यायाधीश विश्व दीपक तिवारी ने तीनों हत्यारों को धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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