
उदय प्रताप सिंह, इंदौर। उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन का प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार हो गई है। इसमें शामिल इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर व रतलाम जिले के तहसील और गांवों का क्षेत्रफल भी निर्धारित हो गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर जिला पूर्ण रूप से मेट्रोपॉलिटन एरिया में शामिल है। वहीं, दूसरे नंबर पर शाजापुर जिले का 90 फीसद हिस्सा है।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार मेट्रोपालिटन रीजन में 75 लाख आबादी का आकलन किया गया है, जो संभवत: अब बढ़कर 85 से 90 लाख तक पहुंच चुकी है। आइडीए को कंसल्टेंट मेहता एसोसिएट ने प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। अब अगले ढाई माह में मेट्रोपालिटन रीजन की सिचुएशन एनालिसिस रिपोर्ट तैयार की जाएगी और यह राज्य सरकार को भेजी जाएगी।
इस रिपोर्ट में मेट्रोपालिटन रीजन में शामिल छह जिलों के 50 सेक्टर जिसमें उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक इकाइयां, हरित क्षेत्र, पुलिस, पीएचई विभागों की मौजूदा योजनाओं का आंकलन किया जाएगा। इसके अलावा इन जिलों में प्रस्तावित भविष्य की योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा।
तीसरे चरण में तैयार होगा रीजनल डेवलपमेंट एंड इंवेस्टमेंट प्लान
सिचुएशन एनालिसिस रिपोर्ट तैयार होने के बाद अगले छह माह में रीजनल डेवलपमेंट और इंवेस्टमेंट प्लान तैयार किया जाएगा। इसमें विजन के साथ विकास की आगामी क्या रणनीति होगी, उसे शामिल किया जाएगा।
इसमें प्रोजेक्ट का चयन कर चरणबद्ध योजना को तैयार करेंगे। निवेश की योजना के साथ मौजूदा रिसोर्स का उपयोग तय किया जाएगा। इस तरह फाइनल रीजनल डेवलपमेंट एंड इंवेस्टमेंट प्लान का ड्राफ्ट तैयार होगा।
उज्जैन-इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन का ड्राफ्ट तैयार होने के बाद इसका टोपोग्राफिक सर्वे और क्षेत्र का चिह्नांकन किया जाएगा। प्रस्तावित प्रोजेक्ट की लागत और दरों का एनालिसिस होगा। प्रत्येक डीपीआर को तैयार किए जाने व उसके सुझाव की प्रक्रिया में पांच माह का समय लगेगा।

ब्राडगेज रूट, दोहरी विद्युत लाइन
नागदा-उज्जैन, उज्जैन-मक्सी, उज्जैन-देवास-डा. अंबेडकर नगर (महू)
ब्राडगेज रूट, एकल विद्युत लाइन
देवास-मक्सी, फतेहाबाद-इंदौर, फतेहाबाद-रतलाम, फतेहाबाद-उज्जैन, राऊ-टीही
मीटर गेज लाइन
डॉ. अंबेडकर नगर (महू)-सनावद (गेज कन्वर्जन कार्य जारी)