इंदौर की विनुशी मॉडलिंग और लग्जरी लाइफ छोड़ बनेंगी साध्वी, गुरु के एक दर्शन ने बदल दी जिंदगी
साधुमार्गी जैन समता संघ के तत्वावधान में वैराग्य के पथ पर चलने का संकल्प ले चुकीं इंदौर की 30 वर्षीय दीक्षार्थी विनुशी भंडारी का अभिनंदन समारोह शनिवार ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 04 Apr 2026 09:50:35 PM (IST)Updated Date: Sat, 04 Apr 2026 09:50:35 PM (IST)
इंदौर की विनुशी ने चुनी वैराग्य की राह।HighLights
- इंदौर की विनुशी ने चुनी वैराग्य की राह।
- मॉडलिंग, लग्जरी लाइफ छोड़ बनीं साध्वी।
- गुरु के एक दर्शन ने बदल दी जिंदगी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। साधुमार्गी जैन समता संघ के तत्वावधान में वैराग्य के पथ पर चलने का संकल्प ले चुकीं इंदौर की 30 वर्षीय दीक्षार्थी विनुशी भंडारी का अभिनंदन समारोह शनिवार को रवींद्र नाट्यगृह में आयोजित हुआ। इस मौके पर खचाखच भरे सभागृह में अपना अनुभव सुनाते हुए उन्होंने कहा कि मैं आज लग्जरी लाइफस्टाइल को छोड़कर संयम की राह पर निकल रही हूं, यह मेरे लिए आत्मिक संतोष एवं प्रसन्नता की बात है।
मैंने अपने जीवन में पैराग्लाइडिंग, स्काई डाइविंग, रिवर राफ्टिंग की। मॉडलिंग से लेकर टिप-टाप और फैशन में रहना खूब पसंद किया लेकिन अचानक गुरु दर्शन से ऐसा चमत्कार हुआ कि संसार और संयम में से संयम का मार्ग चुना।
गुरु पत्रों से मिला वैराग्य का मार्ग
दीक्षार्थी विनुशी ने कहा कि मुंबई में नाना-नानी के साथ जाकर आचार्य रामलाल व उपाध्याय राजेश मुनि के दर्शनमात्र से यह भाव जागृत हो गया। इसके बाद पांच-सात बार उन्हें पत्र लिखकर जब पूछा कि मैं संसार और संयम में से किस मार्ग का चयन करूं तो गुरुदेव ने कहा कि अपने स्वजन की आज्ञा का हमेशा पालन करना और धैर्य रखना।
इस तरह धीरे-धीरे पत्रों के माध्यम से उनसे वैराग्य की आज्ञा मिलने का सिलसिला शुरू हो गया और अंततः परिवार के लोग भी मेरे निर्णय पर राजी हो गए। उनके उद्बोधन के दौरान समाजजन शांतचित्त होकर उनकी बातें सुनते रहे।
विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में अभिनंदन
कैबिनेट मंत्री चेतन काश्यप के मुख्य आतिथ्य, विधायक मालिनी गौड़, अभा साधुमार्गी जैन समता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र गांधी, श्वेताम्बर जैन महासंघ के अध्यक्ष विजय मेहता, समाजसेवी महेश नाहटा के विशेष आतिथ्य में विनुशी व उनके माता-पिता का शाल व प्रशस्ति पत्र भेंट कर अभिनंदन किया गया।
इस मौके पर विनुशी को उनके सभी नजदीकी रिश्तेदारों और स्नेहीजन ने भावपूर्ण विदाई दी। रीना आंचलिया (मौसी) व राधिका भंडारी (भाभी) ने भी रुंधे गले से अपने भाव व्यक्त किए।
वरघोड़े में लुटाईं सांसारिक वस्तुएं
इससे पहले जावरा कंपाउंड में वीरेंद्र-शीतल भंडारी के निवास से संयम और वैराग्य के पथ पर निकली उनकी बेटी विनुशी का वरघोड़ा निकाला गया। इसमें सांसारिक जीवन में काम आने वाली वस्तुएं लुटाई गईं। सुसज्जित रजत मंडित रथ पर विराजित विनुशी का मार्ग में अनेक स्थानों पर स्वागत भी किया गया।
साधुमार्गी जैन समता संघ के अध्यक्ष पारस बोहरा व महामंत्री पिंकेश पगारिया ने बताया कि जुलूस में शामिल दो हजार से अधिक समाजबंधुओं ने भाग लिया। भजनों पर गाते युवाओं और महिलाओं का यह जत्था करीब दो घंटे की पैदल यात्रा के बाद रवींद्र नाट्यगृह पहुंचा।