
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। हमारा इंदौर मदद के लिए हमेशा आगे रहता है, जब भी किसी मरीज को रक्त की आवश्यकता होती है तो सैकड़ों हाथ आगे आ जाते हैं। यहीं कारण है कि आठ वर्षो में इंदौर में 20 हजार से अधिक रक्तदाता बढ़े हैं।
एमजीएम मेडिकल कालेज के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग (एमवाय अस्पताल ब्लड सेंटर) के आकड़ों के मुताबिक हर वर्ष रक्तदाताओं की संख्या बढ़ रही है। पिछले आठ वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि शहर में रक्तदान के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ी है।
वर्ष 2018 में जहां 38,073 यूनिट रक्त मरीजों को जारी किया गया था, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 57,200 यूनिट तक पहुंच गया। इसके अलावा अन्य निजी ब्लड बैंक सेंटरों में भी बड़ी संख्या में रक्तदाता पहुंच रहे हैं। खास बात है कि में ब्लड काल सेंटर द्वारा रक्तदाताओं के लिए वाहन संचालित किया जा रहा है, जो रक्तदाताओं को घर लेने जाता है। दावा है कि इंदौर देश का एकमात्र शहर है, जहां वाहन रक्तदाताओं को लेने घर तक जाता है।
शहर के अस्पतालों की ब्लड बैंक में अब रक्त की कमी नहीं रहती है। शहर में अब लोग जन्मदिन, शादी की सालगिराह जैसे अवसरों को भी सेवा के रूप में मनाते हैं और रक्तदान कर जरूरतमंदों की जान बचाने का माध्यम बनते हैं। खास बात है कि अति दुर्लभ ओ बांबे पाजिटिव ब्लड ग्रुप भी जरूरतमंद को मिल जाता है। हमारे यहां कई ऐसा भी रक्तदाता है जो 100 से अधिक बार रक्तदान कर चुके हैं।

रक्तदान करने वालों में सबसे आगे युवा है। युवाओं द्वारा रक्तदान के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
वर्ष 2018 में 28,701 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया था। 2019 में 29,020, 2020 में 21,972, 2021 में 31,962, 2022 में 24,609, 2023 में 33,985, 2024 में 32,272 और 2025 में 37,276 लोगों ने रक्तदान किया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक एक यूनिट रक्त से तीन मरीजों की मदद की जा सकती है। इंदौर में बढ़ती जागरूकता, नियमित शिविर, सामाजिक संगठनों की भागीदारी और ब्लड बैंक की अभिनव पहल ने रक्तदान को जन आंदोलन का रूप दे दिया है।
एमवाय अस्पताल ब्लड बैंक प्रभारी डा. रामु ठाकुर ने बताया कि एक बार रक्तदान करने से 650 कैलोरी बर्न होती है। रक्तदान करने से हार्ट अटैक का खतरा कम होता है। एक बार रक्तदान से शरीर से 225-250 एमजी आयरन निकलता है। इससे ज्यादा आयरन की वजह से होने वाले हृदयरोग का खतरा कम होता है। वहीं 2015 की एक रिसर्च के मुताबिक हर वर्ष एक बार रक्तदान करने से इंसान की जीवन प्रत्याशा दर में 7.5 प्रतिशत इजाफा होता है।
इंदौर में रक्तदाताओं की संख्या हर वर्ष बढ़ रही है। एमवाय अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक में रक्त की कमी नहीं आती है। हमारा इंदौर रक्तदान में पहले स्थान पर है। यहां बोनमैरो, थैलेसीमिया, सिकल सेल आदि के मरीजों के लिए भी रक्त हमेशा उपलब्ध रहता है। - डा. अशोक यादव, अधीक्षक, एमवाय अस्पताल
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