
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। चंदन नगर थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात 23 वर्षीय युवक ने पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान राज मकवाना के रूप में हुई है। स्वजन ने पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया है कि देर रात टहलने के दौरान पुलिस ने फटकार लगाई और एक पुलिसकर्मी ने उसे चांटा मार दिया था, जिसके बाद उसने यह कदम उठा लिया।
पुलिस का क्या कहना
एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के अनुसार घटना रात करीब ढाई बजे ताप्ति परिसर की है। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) द्वारा बनाई गई इमारत में रहने वाले राज पुत्र मनोज मकवाना ने पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या की। पुलिस के अनुसार राज की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और पिछले दो साल से टावर चौराहा स्थित डॉक्टर अश्विनी जैन से उसका उपचार चल रहा था। पुलिस का दावा है कि राज पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुका था और वर्ष 2018 में उसके खिलाफ मारपीट का मामला भी दर्ज हुआ था।
स्वजन ने लगाया पुलिस पर आरोप
राज की मां रेखा ने पुलिसकर्मी और गार्ड पर आरोप लगाया है कि देर रात टहलने के दौरान एक पुलिसकर्मी ने उसे चांटा मार दिया था। इसके बाद वह तनाव में आ गया और मां के सामने ही पांचवीं मंजिल से कूद गया।
बहन निकिता के अनुसार राज की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उसे अचानक सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। खुले में सांस लेने के लिए वह परिसर में टहलने गया था। गार्ड रामनरेश ने देर रात टहलने पर आपत्ति जताई और उससे पूछताछ की। राज ने कहा कि वह गर्लफ्रेंड का इंतजार कर रहा है, जिस पर गार्ड से उसकी बहस हो गई। इसके बाद गार्ड ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस बुला ली।
स्वजन का आरोप
सूचना मिलने पर एएसआई प्रकाश राव और सिपाही राजेश मौके पर पहुंचे और राज से पूछताछ की। इसी दौरान उसकी मां रेखा और बहन निकिता भी वहां पहुंच गईं और पुलिस को बताया कि राज की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसका इलाज चल रहा है। स्वजन का आरोप है कि इसके बाद भी पुलिसकर्मी ने राज को चांटा मार दिया।
गिरफ्तारी के डर से घबराया था युवक
परिजनों के अनुसार चांटा मारने के बाद राज डर गया और घर आकर कहने लगा कि पुलिस उसे पकड़कर ले जाएगी। निकिता ने बताया कि राज कभी बच्चों जैसी बातें करता था और कभी बहकी-बहकी बातें करने लगता था।मां रेखा ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह घबराया हुआ था। कुछ देर बाद वह बाहर गया और अचानक पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी। टीआई तिलक करोले के अनुसार पुलिसकर्मी डायल-112 पर सूचना मिलने के बाद मौके पर गए थे और समझाइश देकर लौट आए थे।
यह भी पढ़ें- MP में अब वाहन ट्रांसफर करना और भी आसान, एचएसआरपी डेटा नेशनल पोर्टल से लिंक; फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम