
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा शहर के विस्तार और नए क्षेत्रों के विकास के लिए तैयार की गई करीब 400 करोड़ रुपये की विकास योजनाएं फिलहाल कागजों में ही अटकी हुई हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में एक हजार एकड़ से अधिक भूमि पर टाउन डेवलपमेंट स्कीम के तहत विकास प्रस्तावित है, लेकिन जमीन अधिग्रहण से जुड़े विवादों के कारण इन योजनाओं पर काम शुरू नहीं हो सका है। जेडीए की टीडीएस-2, टीडीएस-3 और टीडीएस-5 योजनाओं को वर्ष 2022 और 2023 में राज्य सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। इसके बावजूद तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी जमीनों के नामांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
जानकारी के अनुसार करीब 25 प्रतिशत से अधिक किसानों ने जमीन देने पर आपत्ति दर्ज कराई है, जबकि कुछ किसान इस मामले में कानूनी लड़ाई भी लड़ रहे हैं। इसके चलते पूरा प्रकरण प्रशासनिक स्तर पर लंबित है और योजनाओं का क्रियान्वयन शुरू नहीं हो पाया है।
टीडीएस-2 योजना: इस योजना के अंतर्गत रैगवां, रक्शा, बसहा, कचनारी, सिमरिया और करमेता क्षेत्र को विकसित किया जाना प्रस्तावित है। फरवरी 2023 से प्रभावशील इस योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों को शहर के मुख्य मार्गों से जोड़ते हुए आवासीय विकास और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
टीडीएस-3 योजना: इस योजना में कुदवारी और गुरदा क्षेत्र को शामिल किया गया है। जुलाई 2022 में मंजूरी प्राप्त इस योजना के तहत नए आवासीय क्षेत्र विकसित करने के साथ सड़क, जलप्रदाय और अन्य शहरी सुविधाओं का विकास किया जाना प्रस्तावित है।
टीडीएस-5 योजना: महाराजपुर-खैरी क्षेत्र में प्रस्तावित इस योजना के तहत करीब 151 हेक्टेयर भूमि को विकसित किया जाना है। योजना का उद्देश्य शहर के इस हिस्से में व्यवस्थित आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र विकसित करना है। योजना के अनुसार किसानों को उनकी जमीन के बदले 30 प्रतिशत विकसित भूमि देने का प्रावधान है, जबकि लगभग 30 प्रतिशत भूमि सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास में उपयोग की जाएगी। शेष भूमि जेडीए द्वारा विक्रय की जानी प्रस्तावित है। हालांकि कई किसान इस व्यवस्था से असंतुष्ट हैं और उनका कहना है कि उन्हें पर्याप्त मुआवजा नहीं मिल रहा है।
योजना क्रमांक 65: जेडीए की यह योजना लगभग 235 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही है। इसमें 48 मीटर चौड़ी एसआर-3 सड़क विजयनगर को सीधे बायपास से जोड़ेगी। योजना में बहुमंजिली आवासीय क्षेत्र, शॉपिंग सेंटर, हेल्थ सेंटर, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, शैक्षणिक संस्थान, उद्यान और मल्टीलेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। साथ ही सीवेज प्रणाली, जलप्रदाय और बसहा तालाब के सौंदर्यीकरण की भी योजना है।
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योजना क्रमांक 62: लगभग 298 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस योजना में माढोताल ब्रिज और 50 मीटर चौड़ा एआरपी-4 मार्ग बनाया गया है। क्षेत्र में ग्रुप हाउसिंग, स्कूल, कम्युनिटी हॉल, पुलिस चौकी, खेल मैदान और उद्यान विकसित किए जा रहे हैं। योजना में हरित क्षेत्र, क्लब तथा योग-मेडिटेशन सेंटर जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं।
योजना क्रमांक 64: करीब 225 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रही इस योजना में 48 मीटर चौड़ी सड़क, साइकिल ट्रैक, बस स्टॉप और आवासीय क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसके साथ शॉपिंग सेंटर, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्कूल, हेल्थ सेंटर, फायर स्टेशन और औद्योगिक भूखंड जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं।