नईदुनिया प्रतिनिधि,जबलपुर। नर्मदा का गौरीघाट देश के सबसे आकर्षक घाट में तब्दील करने की योजना पर मुहर लग गई। इस घाट को आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए मप्र सरकार ने बजट में 80 करोड़ रुपये का प्रविधान है। बहरहाल इस प्रोजेक्ट के लिए यह राशि बहुत कम है, लेकिन शुरुआत हो गई है।
मप्र लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह नर्मदा के इस तट को आकर्षण का केंद्र बनाना चाह रहे हैं। पर्यटक भी यहां नर्मदा के सौंदर्य को निहारने आएंगे। इसमें छह घाट को जोड़कर विकसित किया जाएगा। मालूम हो कि योजना की लागत करीब 300 करोड़ के आसपास है। इस प्रोजेक्ट की घोषणा तो मप्र लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने पहले ही कर चुके थे। इसमें खारीघाट, दरोगा घाट, ग्वारीघाट, उमा घाट, सिद्धघाट और जिलहरीघाट को आपस में जोड़कर सरयू घाटों की तर्ज पर एक समान और आकर्षक रूप में विकसित किया जाएगा।
डिजाइन बनाने वाली कंसल्टेंसी और विशेषज्ञों ने इस घाट के डिजाइन आठ बार तैयार किए, लेकिन हर बार किसी न किसी वजह से कुछ कमी रही, जिस वजह से डिजाइन फाइनल नहीं हो पाई।
इसमें ये होगा खास
खारी घाट पर खारी विसर्जन के लिए जलकुंड बनेगा।
खारी घाट मार्ग की ओर से खारी घाट पर उतरने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित सीढ़ियां बनाई जाएंगी।
सीढ़ियों से नीचे उतरते ही चेंजिंग रूम, तीर्थ पुरोहितों के बैठने की व्यवस्था और मुंडन स्थल बनाया जाएगा, साथ ही एक छोटा नाव घाट भी बनाया जाएगा।
प्राचीन मंदिर को यथावत रखते हुए घाटों का विकास किया जाएगा।
दरोगा घाट की तरफ एक बड़ा ‘नाव घाट’ बनाया जाएगा।
घाट की दीवारों पर आर्टवर्क एवं म्युरेल्स के माध्यम से मां नर्मदा की गाथा का चित्रण भी किया जाएगा।
संध्या आरती के लिए पांच भव्य मंच बनेंगे।
आरती स्थल के सामने एक विशेष बैठक स्थल बनाया जाएगा, जहां श्रद्धालु भक्ति भाव से आरती की अनुभूति में लीन हो सकेंगे।
वर्षा ऋतु में भी मां नर्मदा की आरती निर्बाध रूप से जारी रहे, इसके लिए सीढ़ियों के ऊपर विशेष स्थान का निर्माण किया जाएगा।
गौरीघाट के प्रवेश पर सड़क की ढलान को आसान और चौड़ा बनाया जाएगा, ताकि घाटों के रखरखाव हेतु वाहन एवं अन्य उपकरण आसानी से पहुंच सकें।
गौरीघाट से प्रारंभ होकर एक चैनल का निर्माण किया जाएगा, जो लगभग 800 मीटर लंबा, औसतन 15 मीटर चौड़ा और करीब एक मीटर गहरा होगा।
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