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MP High Court ने राज्य को समय दिया, वन्यजीव संरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप नीति बनेगी

पकड़े गए हाथियों को टाइगर रिजर्व भेजकर प्रशिक्षण देने के दौरान उन्हें अनावश्यक पीड़ा पहुंचने का भी आरोप लगाया गया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुम...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Wed, 29 Jul 2026 09:28:26 AM (IST)Updated Date: Wed, 29 Jul 2026 09:28:26 AM (IST)
MP High Court ने राज्य को समय दिया, वन्यजीव संरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप नीति बनेगी
मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रभावी प्रबंधन, फसल क्षति के लिए मुआवजा नीति तथा संरक्षण संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

HighLights

  1. मामले की अगली सुनवाई छह माह बाद होगी
  2. जंगलों में प्रवेश कर फसलें नष्ट कर रहे हैं
  3. हाथियों को पकड़ना अंतिम विकल्प होना चाहिए

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वन्यजीव संरक्षण, विशेषकर मानव-हाथी संघर्ष से जुड़े मामलों के लिए विस्तृत गाइडलाइन तैयार करें।

कोर्ट ने राज्य सरकार के आग्रह पर दिया समय

कोर्ट ने राज्य सरकार के आग्रह पर गाइडलाइन तैयार करने के लिए चार माह का समय दिया। मामले की अगली सुनवाई छह माह बाद होगी।

कई मामलों में जनहानि भी हुई है

रायपुर निवासी नितिन सिंघवी की याचिका में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ से जंगली हाथियों के झुंड मध्य प्रदेश के जंगलों में प्रवेश कर किसानों की फसलें नष्ट कर रहे हैं, मकानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और कई मामलों में जनहानि भी हुई है।


प्रदेश में इसे प्राथमिक उपाय के रूप में अपनाया जा रहा है

याचिका में यह भी कहा गया कि हाथियों को पकड़ना अंतिम विकल्प होना चाहिए, जबकि प्रदेश में इसे प्राथमिक उपाय के रूप में अपनाया जा रहा है।

अनावश्यक पीड़ा पहुंचने का भी आरोप लगाया गया

पकड़े गए हाथियों को टाइगर रिजर्व भेजकर प्रशिक्षण देने के दौरान उन्हें अनावश्यक पीड़ा पहुंचने का भी आरोप लगाया गया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने दलील दी।

मुआवजा नीति तथा संरक्षण संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश

बोले कि टीएन गोदावरमन थिरुमुलपाड बनाम भारत संघ में सर्वोच्च न्यायालय ने मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रभावी प्रबंधन, फसल क्षति के लिए मुआवजा नीति तथा संरक्षण संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन्हीं के अनुरूप राज्य सरकार को नीति बनाने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

हाई कोर्ट ने आवश्यक आदेश पारित किए

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने गाइडलाइन तैयार करने के लिए चार माह का समय मांगा, जिसे स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट ने आवश्यक आदेश पारित किए।

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