नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति संदीप नटवरलाल भट्ट की एकलपीठ ने खुद को सोम डिस्टिलरीज मामले की सुनवाई से अलग कर लिया है।
साथ ही हाई कोर्ट रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि मामले से जुड़ा केस किसी दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करें। इससे पूर्व न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने भी इस मामले की सुनवाई से इन्कार कर दिया था।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में मध्य प्रदेश शासन ने शराब कंपनी सोम डिस्टिलरीज का लाइसेंस निरस्त कर दिया है।
इसे लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। तत्कालीन आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने सोम डिस्टिलरीज के सभी लाइसेंस निलंबित कर दिए थे।
करीब 20 दिन पहले रायसेन जिले में स्थित सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड और मेसर्स सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस आबकारी आयुक्त ने सस्पेंड कर दिया है।
तत्कालीन आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार कंपनियों के संचालक, प्रतिनिधि, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अपर सत्र न्यायालय, देपालपुर जिला इंदौर के एक प्रकरण में पारित निर्णय के आधार पर कार्रवाई की गई थी।
इसमें कहा गया है कि हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ द्वारा संबंधित आपराधिक अपीलों में सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाई गई है, लेकिन दोषसिद्धि अभी भी प्रभावी है।