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नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बरगी क्रूज हादसे में मप्र पर्यटन निगम की लापरवाही भी सामने आ रही है। 80 क्षमता वाले क्रूज में 42 पर्यटक सवार हुए। मौसम का प्री-अलर्ट होने के बाद भी अनदेखी की गई। शुरुआती जांच में पता चला है कि वाटर स्पोर्ट्स से जुड़े कर्मियों को प्री-अलर्ट मिला ही नहीं। वे सिर्फ लहरों और अनुभव के आधार पर ही मौसम का आकलन करते हैं।
अफसरों का कहना है कि मौसम की स्थिति मोबाइल पर भी देखी जाती है, जबकि हादसे में बचे कई पर्यटकों ने बताया कि खराब मौसम और तेज हवाओं को देखकर उन्होंने क्रूज को वापस ले जाने का दबाव बनाया था। इसी बीच तेज बवंडर ने क्रूज को अपनी चपेट में ले लिया।
सिर्फ दो स्टाफ के भरोसे 42 पर्यटक
मप्र पर्यटन निगम का क्रूज गुरुवार शाम मेकल रिसॉर्ट से पर्यटकों को लेकर निकला था, लेकिन सुरक्षा इंतजामों में भारी लापरवाही सामने आई। सबसे बड़ी चूक यह रही कि यात्रियों को लाइफ जैकेट नहीं पहनाई गई।
नियम के अनुसार हर पर्यटक को यात्रा से पहले सुरक्षा उपायों की जानकारी देना और लाइफ जैकेट उपलब्ध कराना जरूरी होता है। हालांकि दावा किया जा रहा है कि क्रूज में लाइफ जैकेट और लाइफ सेवर उपकरण मौजूद थे, लेकिन उन्हें यात्रियों को नहीं दिया गया।
इंटरनेट मीडिया पर सामने आए वीडियो में भी अधिकांश पर्यटक बिना लाइफ जैकेट के नजर आए। हादसे के दौरान जिन यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहनी थी, वे अपनी जान बचाने में सफल रहे।
इसके अलावा नियम के मुताबिक 10-15 पर्यटकों पर एक लाइफ सेवर होना चाहिए, लेकिन यहां इसका पालन नहीं हुआ। क्रूज में कैप्टन महेश के अलावा केवल एक कर्मचारी छोटू मौजूद था। यानी 42 पर्यटकों के लिए सिर्फ दो स्टाफ ही थे, जो पर्याप्त नहीं थे।
मौसम अलर्ट की अनदेखी
जांच में यह भी सामने आया है कि मौसम विभाग के प्री-अलर्ट पर ध्यान नहीं दिया गया। स्टाफ ने अपने अनुभव और मोबाइल पर उपलब्ध मौसम रिपोर्ट के आधार पर ही निर्णय लिया। नियमों के अनुसार खराब मौसम की स्थिति में क्रूज संचालन रोक दिया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
20 साल पुराना क्रूज, 80 की क्षमता
मप्र पर्यटन निगम में जल क्रीड़ा सलाहकार राजेंद्र निगम ने लापरवाही के आरोपों पर कहा कि क्रूज 20 साल पुराना जरूर था, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल था। उन्होंने बताया कि एफआरपी कंपनी के इस क्रूज की आयु 50 वर्ष तक होती है।
लाइफ जैकेट के संबंध में उन्होंने कहा कि क्रूज में 80 लाइफ जैकेट मौजूद थीं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आमतौर पर क्रूज या बड़े जहाजों में पर्यटक यात्रा के दौरान लाइफ जैकेट नहीं पहनते, बल्कि जरूरत पड़ने पर ही उपयोग करते हैं।
मौसम को लेकर उन्होंने कहा कि कई बार अचानक मौसम खराब हो जाता है और इस बार भी ऐसा ही हुआ। उनके अनुसार स्टाफ मोबाइल पर मौसम की जानकारी देखता है और उसी आधार पर निर्णय लिया जाता है।
उन्होंने बताया कि क्रूज कैप्टन के पास 10 वर्षों का अनुभव था और वह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर स्पोर्ट्स से प्रशिक्षित था। सहयोगी स्टाफ भी प्रशिक्षित था।
अचानक बवंडर आया
राजेंद्र निगम ने कहा कि क्रूज में तीन स्टाफ थे, लेकिन एक कर्मचारी जेटी (जहां क्रूज खड़ा होता है) पर ही रह गया था। उन्होंने यह भी बताया कि अचानक बवंडर आया, जिसमें क्रूज फंस गया। हवाओं की गति 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जबकि क्रूज सामान्यतः 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवाओं को सहन कर सकता है।
सीसीटीवी में 43 पर्यटक सवार दिखे
मेकल रिसॉर्ट, बरगी के सीसीटीवी फुटेज में 43 पर्यटक क्रूज पर सवार होते नजर आए हैं। आशंका जताई जा रही है कि कुछ पर्यटकों ने बिना टिकट ही यात्रा की।