बुरहानपुर कलेक्टर ने हाई कोर्ट में हाजिर होकर माफी मांगी, कोर्ट ने स्वीकार की, क्या था मामला
मामला प्रकरण विचाराधीन होने के बावजूद विवादित जमीन खाली करने संबंधी आदेश से जुड़ा है। बुरहानपुर की चिल्ड्रन एजुकेशन सोसाइटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अ ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 27 Feb 2026 09:39:14 PM (IST)Updated Date: Fri, 27 Feb 2026 09:48:59 PM (IST)
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट।HighLights
- विवादित जमीन खाली कराने संबंधी आदेश का मामला
- कारपोरेशन की जमीन का मामला पहले से विचाराधीन है।
- हाईकोर्ट ने राज्य शासन को दखल देने से मना किया था।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ के पूर्व निर्देश के पालन में बुरहानपुर कलेक्टर ने शुक्रवार को हाई कोर्ट में उपस्थित होकर माफी मांगी, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया।
मामला प्रकरण विचाराधीन होने के बावजूद विवादित जमीन खाली करने संबंधी आदेश से जुड़ा है। बुरहानपुर की चिल्ड्रन एजुकेशन सोसाइटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अर्पण पवार ने पक्ष रखा।
उन्होंने दलील दी कि नेशनल टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन की इकाई ताप्ती मिल्स ने सोसायटी को उक्त भूमि दी थी।
इस पर 1964-65 से विद्यालय का संचालन हो रहा है, लगभग 4500 छात्र अध्ययनरत हैं। नेशनल टेक्सटाइल कारपोरेशन की जमीन का एक मामला पहले से विचाराधीन है, जिसमें हाईकोर्ट ने राज्य शासन को दखल देने से इन्कार किया था।
इसके बावजूद कलेक्टर ने नौ दिसंबर 2025 को आदेश पारित कर विद्यालय को उक्त भूमि खाली करने कहा। लिहाजा, हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई।
पिछले सुनवाई में कोर्ट ने कलेक्टर से स्पष्टीकरण तलब किया था। इसमें उन्होंने बताया कि जमीन खाली कराने संबंधी आदेश वापस ले लिया है।