
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को जबलपुर में उद्योगपतियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक्स फोरम, दावोस में इस बार भारत की सबसे बड़ी और प्रभावशाली उपस्थिति रही। दावोस से दिल्ली और दिल्ली से सीधे जबलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत से जुड़ना चाहती है और यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व का परिणाम है।
कार्यक्रम में वे करीब 30 मिनट तक रहे। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में देरी से आने पर क्षमा मांगी और कहा कि अगली बार मैं आप से दो घंटे सिर्फ चर्चा करूंगा। उन्होंने बताया कि इंदौर और भोपाल के बाद जबलपुर को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। पर्यटन की दृष्टि से भी जबलपुर का विशेष महत्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दावोस में मध्यप्रदेश की “खुशबू” साफ महसूस की गई। निवेशक मध्यप्रदेश को नई संभावनाओं का प्रदेश मान रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब देश का समय है। उन्होंने कहा कि दावोस में पाकिस्तान और बांग्लादेश भी निवेश की उम्मीद में पहुंचे, लेकिन आज दुनिया भारत पर भरोसा कर रही है।
किसी भी राज्य की आर्थिक ताकत मजबूत होगी, तभी वह सामाजिक और औद्योगिक रूप से आगे बढ़ेगा। इसी दिशा में मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज विकास दर वाले राज्यों में तीसरे स्थान पर है। युवा शक्ति और कम बेरोजगारी दर के मामले में भी प्रदेश देश में तीसरे नंबर पर है। महिलाओं को उद्योग लगाने पर 2 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जा रही है।
वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 25 एकड़ भूमि मेडिकल कॉलेज के लिए मात्र एक रुपये प्रति एकड़ की दर से दी जा रही है। एक मेडिकल कॉलेज खोलने में सरकार को लगभग 1000 करोड़ रुपये का खर्च आता है।
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डॉ. यादव ने बताया कि मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को सरकार 70 से 80 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराएगी, जिसे डॉक्टर बनने के बाद बॉन्ड के माध्यम से वापस लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे अधिक मेडिकल कॉलेज मध्यप्रदेश में खोले जा रहे हैं।
नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय कार्य किया है, जिसके चलते प्रदेश में बिजली की दरें देश में सबसे सस्ती हैं। वर्तमान में प्रदेश में बिजली मात्र 2 रुपये 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध है ।