हाई कोर्ट ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को दी राहत, परिवीक्षा में 70-80-90% वेतन की शर्त खत्म
हाई कोर्ट ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय कर्मचारियों की परिवीक्षा अवधि में 70, 80 और 90 प्रतिशत वेतन की शर्त निरस्त कर न्यूनतम वेतनमान, एरियर और छह प...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 13 Sep 2026 08:03:04 AM (IST)Updated Date: Sun, 13 Sep 2026 08:03:04 AM (IST)
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को राहत। (फाइल फोटो)HighLights
- हाई कोर्ट ने 70, 80, 90 प्रतिशत वेतन शर्त निरस्त की
- परिवीक्षा अवधि में कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान मिलेगा
- बकाया एरियर का भुगतान छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित होगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: हाई कोर्ट ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को राहत देते हुए परिवीक्षा अवधि में 70, 80 और 90 प्रतिशत न्यूनतम वेतन देने की शर्त निरस्त कर दी।
न्यूनतम वेतनमान देने के निर्देश
न्यायमूर्ति विशाल धगट ने प्रभात कुमार सोनी सहित अन्य की याचिका पर विश्वविद्यालय को परिवीक्षा अवधि में भी न्यूनतम वेतनमान देने के निर्देश दिए। याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति में पहले तीन वर्षों के दौरान क्रमशः 70, 80 और 90 प्रतिशत वेतन भुगतान की शर्त थी। इसे चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई थी।
छह प्रतिशत ब्याज के साथ एरियर भुगतान
- अधिवक्ता सौरभ गुप्ता ने 31 अक्टूबर 2025 के युगलपीठ के निर्णय का हवाला दिया, जिसमें परिवीक्षा अवधि में न्यूनतम वेतनमान देने का अधिकार माना गया था।
- हाई कोर्ट ने उक्त निर्णय को वर्तमान मामले में लागू मानते हुए विश्वविद्यालय को न्यूनतम वेतनमान के साथ बकाया एरियर का भुगतान छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित करने के निर्देश दिए। आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के 90 दिन के भीतर कार्रवाई पूरी करने को कहा गया। याचिका का निराकरण कर दिया गया।