• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • दतिया उपचुनाव
  • सावन माह
  • मानसून
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • ए आई बूटकैंप
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

संविदा महिला कर्मि‍यों को भी चाइल्ड केयर लीव, हाई कोर्ट ने आदेश की अवहेलना पर लगाया 50 हजार का जुर्माना

विभाग का तर्क था कि बुरहानपुर निवासी संविदा कर्मचारी बाल देखभाल छुट्टी की पात्र नहीं हैं।

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Thu, 06 Aug 2026 01:57:31 PM (IST)Updated Date: Thu, 06 Aug 2026 01:57:31 PM (IST)
संविदा महिला कर्मि‍यों को भी चाइल्ड केयर लीव, हाई कोर्ट ने आदेश की अवहेलना पर लगाया 50 हजार का जुर्माना
प्रशासकीय मनमानी का अंदाजा लगया जा सकता है।

HighLights

  1. साफ किया- कानून की व्याख्या करने का अधिकार कोर्ट को
  2. हाई कोर्ट ने कहा कि विभागीय परिपत्र उससे ऊपर नहीं
  3. 30 दिन में 50 हजार रुपये जमा करने के निर्देश दिए

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद संविदा महिला कर्मचारी को बाल देखभाल छुट्टी, चाइल्ड केयर लीव, सीसीएल से वंचित करना राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह को महंगा पड़ गया।

50 हजार रुपये का व्यक्तिगत जुर्माना

हाई कोर्ट ने छुट्टी का आवेदन खारिज करने वाला विभागीय आदेश निरस्त करते हुए संचालक पर 50 हजार रुपये का व्यक्तिगत जुर्माना लगाया है।

याचिकाकर्ता नौवीं बार कोर्ट की शरण में है

न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता आयशा शेख की ओर से अधिवक्ता निखिल तिवारी ने पक्ष रखा। उन्होंने अवगत कराया कि याचिकाकर्ता नौवीं बार कोर्ट की शरण में है। इसी से प्रशासकीय मनमानी का अंदाजा लगया जा सकता है।

22 जुलाई 2023 के परिपत्र का हवाला दिया था।

राज्य शिक्षा केंद्र ने 16 जुलाई को आवेदन खारिज करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग के 22 जुलाई 2023 के परिपत्र का हवाला दिया था।

730 दिन तक बाल देखभाल छुट्टी का प्रविधान

हाई कोर्ट ने कहा कि मध्य प्रदेश सिविल सेवा अवकाश नियम, 1977 के नियम 38-सी में महिला सरकारी सेवक को 730 दिन तक बाल देखभाल छुट्टी का प्रविधान है।

दो बच्चों की देखभाल के लिए 240 दिन की छुट्टी की हकदार

संविदा महिला कर्मचारी भी दो बच्चों की देखभाल के लिए 240 दिन की छुट्टी की हकदार है। हाई कोर्ट ने साफ किया कि न्यायालय कानून का व्याख्याकार है और उसकी व्याख्या अंतिम होती है।

परिपत्र न्यायिक आदेशों से ऊपर नहीं हो सकता

विभागीय परिपत्र न्यायिक आदेशों से ऊपर नहीं हो सकता। कोर्ट ने तत्काल छुट्टी देने और संचालक को 30 दिन में 50 हजार रुपये जमा करने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें- MP High Court ने 17 साल बाद दो भाइयों को दी राहत, मौत के बाद दर्ज हुई थी FIR