जबलपुर में भयावह हादसा टला, NICU में वहां लगी आग जहां 27 नवजात थे, ताबड़तोड़ शिफ्ट किया, सभी सुरक्षित
माना जा रहा है कि आग शार्टसर्किट की वजह से लगी। मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्ड व अन्य स्टाफ ने फायर सिस्टम की मदद से पांच मिनट के अंतराल से ही आग पर काबू ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 26 Mar 2026 10:34:24 PM (IST)Updated Date: Thu, 26 Mar 2026 11:08:58 PM (IST)
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वार्ड में लगी आग।HighLights
- माना जा रहा है कि आग शार्टसर्किट की वजह से लगी।
- आग लगने के ठीक बाद विद्युत लाइन बंद कर दी गई।
- इसकी वजह से तुरंत ही इस पर काबू पा लिया गया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु ब्रेस्ट फीडिंग वार्ड में गुरुवार को शार्टसर्किट की वजह से आग से थोड़ी देर के लिए हडकंप मच गया। हालांकि आग पर फायर सिस्टम की मदद से तुरंत ही काबू पा लिया गया, जिसकी वजह से घटना भयावह रूप लेने से बच गई। आग बड़ी नहीं होने के कारण इस पर तुरंत ही काबू पा लिया गया और जल्द ही वार्ड की लाइट बहाल कर दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज के पुराने ब्लाक में 8 नंबर कमरे में देर शाम करीब 7:40 बजे दीवार फैन से एकाएक आग के बाद धुआं उठने लगा। इस कमरे में माताएं अपने शिशु को ब्रेस्ट फीडिंग के लिए लेकर आती हैं। संयोगवश जिस वक्त पंखे में आग लगी वहां कोई मौजूद नहीं था।
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माना जा रहा है कि आग शार्टसर्किट की वजह से लगी। मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्ड व अन्य स्टाफ ने फायर सिस्टम की मदद से पांच मिनट के अंतराल से ही आग पर काबू पा लिया। बताया जाता है कि आग लगने के ठीक बाद विद्युत लाइन बंद कर दी गई। इसकी वजह से तुरंत ही इस पर काबू पा लिया गया।
कमरे से लगा है एनआईसीयू
अस्पताल प्रशासन के अनुसार 8 नंबर कमरे से लगकर नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) है। जहां 27 शिशु थे। जिन्हें सतर्कता के तौर पर चिकित्सक टीम ने सेमीनार हाल में शिफ्ट कर दिया था। हालात सामान्य होने के बाद उन्हें वापस इसी इकाई में ले आया गया। इस बीच शिशु ब्रेस्ट फीडिंग वार्ड का कमरा पूरी तरह खाली करा लिया गया है।
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दीवार पंखे में शार्टसर्किट के बाद धुआं उठते जैसे ही स्टाफ ने देखा लाइन बंद कर दी गई। हालांकि फायर सिस्टम की मदद से आग पर तुरंत काबू पा लिया गया। सुरक्षा व बच्चों की सेहत की दृष्टि से उन्हें अन्य स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया था। स्थिति सामान्य होने के बाद एनआईसीयू में पुन: ले आया गया है। मुझे लगता है पंखा गर्म होने के बाद जल गया। हालांकि बिजली विभाग जांच कर वास्तविक कारण बताएगी।
डा अरविंद शर्मा, अधीक्षक मेडिकल कॉलेज अस्पताल