
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध एक बार फिर लबालब होने की स्थिति में पहुंच गया है। बांध के जलस्तर को नियंत्रित रखने गुरुवार को सीजन में दूसरी बार फिर 13 जलद्वार खोल दिए गए। गुरुवार को सुबह 11 बजे पांच गेट खोले गए और फिर पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए आठ गेट और खोल दिए गए। अब 13 गेटों से 3802 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है।
इन गेटों को औसतन 1.96 मीटर की ऊंचाई तक खोला गया है। इधर बांध प्रबंधन के मुताबिक दोपहर 12 बजे बांध का जलस्तर 422.35 मीटर दर्ज किया गया। बांध की जल उपयोगी क्षमता 3090.50 एमसीएम यानी 97.18 प्रतिशत हो चुकी है। वहीं बांध में पानी की आवक 4215 क्यूमेक बनी हुई है। लगातार बढ़ रही आवक के कारण जलाशय का स्तर नियंत्रित रखने के लिए निकासी बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
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इसके पहले 18 अगस्त को नौ गेट खोले गए थे। 13 गेटों से 3802 क्यूमेक पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा के घाटों पर जलस्तर में करीब 7 से 8 फीट तक बढ़ सकता है। प्रशासन और पुलिस ने अलर्ट जारी किया है। इधर नर्मदा के घाटों और तटीय क्षेत्रों में रहने तथा पहुंचने वाले लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।

बारिश करने वाली सक्रिय प्रणालियों के चलते बारिश का दौर जारी है। बीते 24 घंटे के दौरान जबलपुर में 70 मिमी बारिश दर्ज की गई। जबकि संभाग के मंडला, डिंडौरी में भी जोरदार बारिश हुई। मंडला और डिंडौरी में आ रही बारिश से बरगी बांध के कैचमेंट एरिया में लगातार पानी की आवक हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार अभी बारिश का दौर जारी रहेगा।

प्रबंधन के अनुसार इससे घाटों पर जलस्तर करीब चार से आठ फीट बढ़ सकता है और वास्तविक आवक के अनुसार गेटों की संख्या अथवा जल निकासी बदली जा सकती है।
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