
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। सरकारी महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था और छात्र सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने जवाबदेही बढ़ाने की कवायद शुरू की है।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत सात अगस्त से आठ जनवरी 2027 तक प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों और छात्रावासों का प्रत्येक शुक्रवार नियमित निरीक्षण किया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अभियान का उद्देश्य क्षेत्र भ्रमण, निरीक्षण और जनसंवाद के माध्यम से शिकायतों का त्वरित समाधान, शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी तथा लोक सेवाओं का समयबद्ध प्रदाय सुनिश्चित करना है।
निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण गुणवत्ता, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की उपलब्धता, छात्रावासों की व्यवस्थाएं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, पेयजल, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम से जुड़े लंबित प्रकरणों के निराकरण की स्थिति भी परखी जाएगी।
निर्देशों के अनुसार राज्य स्तर पर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और आयुक्त, उच्च शिक्षा निरीक्षण करेंगे। संभाग स्तर पर अतिरिक्त संचालक तथा जिला स्तर पर अग्रणी शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रत्येक निरीक्षण के लिए निर्धारित प्रारूप में छात्र संख्या, उपस्थिति, स्वीकृत एवं कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों की स्थिति, प्रमुख समस्याओं, सुझावों तथा निरीक्षण टिप्पणियों का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान चिन्हित समस्याओं का समाधान संबंधित स्तर पर अधिकतम पांच कार्यदिवस के भीतर करना अनिवार्य होगा।
यदि किसी समस्या का निराकरण स्थानीय स्तर पर संभव नहीं है, तो स्पष्ट कारण दर्ज करते हुए उसे दो दिन के भीतर सक्षम उच्च स्तर पर भेजना होगा। अभियान की सतत मानिटरिंग आयुक्त, उच्च शिक्षा कार्यालय द्वारा की जाएगी, ताकि शिकायतों के निराकरण में जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
हाल के समय में कॉलेज परिसरों में विद्यार्थियों की सुविधाओं, शिक्षकों की कमी और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
ऐसे में सरकार का यह अभियान केवल निरीक्षण तक सीमित रहता है या वास्तव में कॉलेजों की व्यवस्था और विद्यार्थियों के भरोसे में ठोस सुधार लाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।