
डिजिटल डेस्क, नईदुनिया, जबलपुर। उमरिया के कई हिस्सों में जहां तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित है और नदी-नाले उफान पर हैं। रीवा के तराई आंचल में एक बार फिर से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। वहीं सीधी में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार दोपहर करीब 1 बजे रामपुर नैकिन तहसील के भंवरसेन क्षेत्र में बनास नदी में अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई।
रीवा के तराई अंचल मे स्थित त्योंथर और जवा क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने अब विकराल रूप लेना शुरू कर दिया है। यहा रातभर हुई तेज बारिश के बाद डीह गाव की पुल डाउन डूब जाने की वजह से कई कामों का संपर्क टूट गया है तो वही रायपुर सोनौरी पुलिस चौकी भी पानी-पानी हो गई।
चौकी परिसर में घुटने तक पानी भर गया, जिसके बीच पुलिसकर्मियों को निकलकर ड्यूटी करनी पड़ रही है।बारिश के कारण क्षेत्र के नदी-नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने लगा है। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है। हालात को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है और लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।
फिलहाल एहतियात के तौर पर त्योथर क्षेत्र में एसडीआरएफ की एक टीम तैनात कर दी गई है तो वहीं पुलिस भी अलर्ट मोड पर है।मौक़े से आ रही तस्वीरे पानी की भयावहता को साफ बयां कर रही है। पानी-पानी हुई पुलिस चौकी की तस्वीरें क्षेत्र में बारिश की स्थिति की गंभीरता को बयां कर रही हैं।
चौकी परिसर में पानी भरने के बावजूद पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और पानी के बीच से होकर आवागमन करने को मजबूर हैं। फिलहाल तराई अंचल में बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। आने वाले समय में यदि बारिश इसी तरह जारी रहती है तो नदी-नालों का जलस्तर और बढ़ सकता है।
सीधी प्रशासन ने आसपास के 25 गांवों में अलर्ट जारी कर लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी है। रामपुर नैकिन तहसीलदार आशीष मिश्रा ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में नदी के किनारे न जाएं और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहें।
प्रशासन ने विशेष रूप से नदी के आसपास बसे गांवों के लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। बताया गया है कि भंवरसेन में बनास नदी आगे चलकर सोन नदी में मिलती है। बनास नदी में पानी की आवक बढ़ने के बाद सोन नदी के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है। इसे देखते हुए सोन नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को भी सतर्क किया गया है।
क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ही जलस्तर बढ़ने का मुख्य कारण है। बारिश के कारण पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले छोटे-बड़े नालों में पानी का बहाव तेज हो गया है, जो सीधे बनास नदी में मिल रहा है, जिससे नदी की धाराओं में लगातार वृद्धि हो रही है।
अचानक बढ़े जलस्तर को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार, रतवार, मगरोहर, सुखाड़, परसिली, नौढ़िया सहित लगभग 25 गांवों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। ग्रामीणों से नदी, नालों और पुल-पुलियों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की गई है।
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