जबलपुर नगर निगम को हादसे का इंतजार, मानसून सिर पर, बारिश में लापरवाही पड़ेगी भारी
नगर निगम का भवन और अतिक्रमण पर विभाग लापरवाही बरत रहा है। बरसात के दौरान यदि भीड़-भाड़ वाले रहवासी क्षेत्रों में खड़े ये जर्जर भवन यदि भरभराकर गिरे तो ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 13 Jun 2026 11:45:23 AM (IST)Updated Date: Sat, 13 Jun 2026 11:45:23 AM (IST)
जर्जर मकान अंधेरदेव मछरहाइ रोड पर खतरा बना जर्जर भवन। नईदुनियाHighLights
- न्यायालयीन प्रक्रिया में उलझे 11, शेष 24 पर भी ध्यान नहीं
- पिछली बारिश में दो-चार भवन तोड़कर कर ली थी इतिश्री
- बारिश के पूर्व जर्जर भवनों को गिराने की सुध नहीं ली जा रही है
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मानसून करीब है और शहर में करीब 35 जर्जर-अति जर्जर भवन अब भी खड़े हैं। शहर की पुरानी बसाहट कोतवाली, मिलौनीगंज, दीक्षितपुरा, कमानिया, दरहाई, सराफा के अलावा शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में रहवासी क्षेत्रों के बीच खड़े ये जर्जर भवन लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। नगर निगम का भवन शाखा इन भवनों की सूची तैयार कर चुका है।
भवन चिह्नित हैं जिन्हें बिना किसी विवाद के तोड़ा जा सकता है
35 जर्जर भवन में से न्यायालयीन प्रक्रिया में उलझे विवादित भवनों को सूची से हटा दिया है। अब करीब 24 जर्जर भवन चिह्नित हैं जिन्हें बिना किसी विवाद के तोड़ा जा सकता है। इनमें कुछ सरकारी भवन भी शामिल है।
सफाई दी जा रही कि कुछ भवनों में लोग रह रहे हैं
![naidunia_image]()
नगर निगम की कार्यशैली का अंदाजा इसीे लगाया जा सकता है कि बारिश के पूर्व इन जर्जर भवनों को गिराने की सुध नहीं ली जा रही है। गत वर्ष भी निगम ने ऐसी ही लापरवाही दिखाई थी। चिह्नित जर्जर भवनों में से दो-चार को हटाकर ही इतिश्री कर ली थी। सफाई ये दी जा रही थी कि कुछ भवनों में अब भी लोग रह रहे हैं।
किरायेदार मकान खाली करने भी तैयार नहीं हैं
कुछ भवनों में मकान मालिक, किरायेदार का विवाद है। किरायेदार मकान खाली करने भी तैयार नहीं है। मामला न्यायालय में हैं लिहाजा नगर निगम भी एेसे भवनों काे नही गिरा पा रहा। अब जब सूची से विवादित भवनों को छोड़कर बाकी भवनों को गिराने में भी तत्परता नही दिखाई जा रही। जबकि पूर्व के वर्षों में जर्जर मकान गिरने से दिल दहला देने वाली घटनाएं हो चुकीं हैं।
हो चुके दिल दहलाने वाले हादसे
- 08 साल पहले हनुमानताल साठिया कुआं में एक दो मंजिला पुराना जर्जर मकान ढहने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो चुकी हैं। क्षेत्रीय नागरिक वह मंजर याद करते हैं तो आज भी उनके रोंगते खड़े हो जाते हैं।
- 05 साल पहले घमापुर के बरउ मोहल्ले में जर्जर हो चुके मकान की एक दीवार भरभरा कर गिर गई। हादसे में परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए थे।
- 23 अगस्त 2022 को करमचंद चौक के पास एक दो मंजिला पुराने भवन का छज्जा और सीढ़ी भी गिर गई थी, मकान में रह रहे एक ही परिवार के सात लोगाें की जान सांसत में फंस गई थी। किसी तरह उन्हें रेस्क्यु कर निकाला गया था।
इन क्षेत्रों में खड़े जर्जर भवन
वार्ड स्थल
- सरदार वल्लभ भाई पटेल पिसनहारी की मढ़िया के समीप
- गढ़ा निजी भवन
- स्वामी विवेकानंद खान मंत्रालय आवासीय परिसर
- वीरेंद्रपुरी रैन बसेरा, पिसनहारी की मढ़िया
- जवाहरगंज वीरूमल एंड संस ,अंजुमन इस्लामिया ट्रस्ट की दुकान
- चेरीताल सरस्वती कालोनी
- जाकिर हुसैन नई बस्ती गोहलपुर
- जवाहर गंज सिविल डिस्पेंसरी, गोहलपुर
- कमला नेहरू स्वरूपचंद्र जैन जूस सेंटर
- शहीद भगत सिंह निजी भवन
- जार्ज डिसिल्वा निजी भवन
भवन शाखा से जर्जर भवनों की सूची प्राप्त हो गई है। एक वरिष्ठों से चर्चा कर कार्ययोजना अनुसार शीघ्र ही जर्जर भवनों को डिस्मेंटल करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कृष्णपाल रावत, अतिक्रमण अधिकारी
यह भी पढ़ें- मप्र में विकास के रोडमैप पर मंत्रियों संग मंथन करेंगे मुख्यमंत्री, अफसरों की बड़ी कॉन्फ्रेंस होगी