
नईदुनिया प्रतिनिधि जबलपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण में देश के प्रमुख शहरों में जगह बनाने के बाद अब जबलपुर नगर निगम सफाई व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी में है।
आगामी मप्र स्थापना दिवस यानि 1 नवंबर से शहर में सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की नई व्यवस्था लागू करने की योजना है।
कहा जा रहा है कि शहर की सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने अब तक चार एजेंसियों के जिम्मे रहने वाली सफाई व्यवस्था को बढ़ाकर 15 एजेंसियों को सौंपा गया है।
निगम का दावा है कि इससे शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा। वहीं सिटी 2.0 प्रोजेक्ट के जरिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की मौजूदा कमियों को दूर करने के साथ सफाई व्यवस्था में तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई जाएगी।
दरअसल शहर में अब भी सफाई व्यवस्था अपेक्षाकृत नहीं हैं। चार एजेंसियों की मनमानी के चलते अब भी कुछ वार्डों में नियमित तौर पर कचरा नहीं उठ रहा है।
कहीं-कहीं वार्डाें में समय पर और नियमित कचरा गाड़िया भी नहीं पहुंच रही है। हालांकि नगर निगम का कहना है कि 15 एजेंसियों को सूचीबद्ध करते हुए क्लस्टर बनाकर सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गार्बेज ट्रांसफर स्टेशनों के निर्माण जैसे कार्य भी स्वच्छता को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे हैं। तीन नए गार्बेज स्टेशन भी बनाएं जाएंगे।
जबलपुर स्वच्छ हवा में परचम लहरा चुका है।10 लाख आबादी वाले शहर में जबलपुर ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देश में तीसरे स्थान में जगह बनाई थी। इसके पहले दूसरे स्थान पर था। हालांकि एक अंक पिछड़ने पर नगर निगम ने दावा कर चुका है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में जबलपुर नगर निगम को पहली बार देश में पांचवां स्थान मिला था। शहर को सेवन स्टार रेटिंग और वाटर प्लस का दर्जा भी प्राप्त हुआ।
महापौर और निगमायुक्त ने रैंकिंग में और सुधार कर जबलपुर को पहले पायदान पर लाने के लिए माइक्रो प्लानिंग के तहत काम करने की बात कही थी।
इसी दिशा में सिटी ब्यूटिफिकेशन, पौधारोपण, डिवाइडरों का निर्माण व रंगाई-पुताई, ग्रीन वाल, ग्रीन बेल्ट, फाउंटेन और कंजर्वेंसी की सफाई जैसे कार्य किए जा रहे हैं। सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रणाली को मजबूत करने तथा उद्यानों और कंपोस्ट प्लांट के बेहतर संचालन पर भी जोर है।
नर्मदा को निर्मल बनाने के लिए एसटीपी प्लांटों की स्थापना, दूषित जल को शोधित कर दोबारा उपयोग में लगाया जा रहा है।
एक नवंबर से शहर की सफाई व्यवस्था सुधार देखने मिलेगा। नगर निगम के साथ ही करीब सफाई मित्रों की संख्या छह हजार हो जाएंगी। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन को बेहतर बनाने के लिए 140 वाहन शामिल किए जा रहे है इस तरह डोर टू डोर के 600 वाहनों से नियमित रुप से कचरे का उठाव होगा। तीन नए गार्वेज स्टेशन से शहर में कहीं भी कचरा नजर नहीं आएगा। स्वच्छता में शहर नंबर बनेगा।
जगत बहादुर सिंह अन्नू, महापौर
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