जबलपुर में बुकिंग के बाद भी एलपीजी सिलिंडर के लिए लोगों करना पड़ रहा लंबा इंतजार
जबलपुर में बुकिंग और ओटीपी के बावजूद एलपीजी सिलिंडर के लिए उपभोक्ताओं को एक हफ्ते से ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 26 Apr 2026 12:36:25 PM (IST)Updated Date: Sun, 26 Apr 2026 01:11:39 PM (IST)
गैस एजेंसी के बाहर सिलिंडर के लिए लाइन में खड़ें लोग।HighLights
- सिलिंडर के 30 ट्रकों की जरूरत के बदले 17 ही आ रहे हैं
- अधारताल, सदर, सिविल लाइन, दमोहनाका में लंबी वेटिंग
- रेस्टोरेंट में घरेलू सिलिंडर के गलत इस्तेमाल से संकट गहराया
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर जिले में एलपीजी सिलिंडर की किल्लत और बुकिंग के बाद भी डिलीवरी न मिलने से हाहाकार मचा हुआ है। उपभोक्ताओं को ओटीपी मिलने के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं, जिसके कारण लोग एजेंसियों के बाहर लंबी कतार लगाए खड़े रहने मजबूर हैं। प्रशासन ने घर-घर डिलीवरी के आदेश दिए हैं, लेकिन हाकरों की कमी और एजेंसी की सप्लाई आधी होने के कारण बुकिंग में यह अव्यवस्था बनी हुई है।
प्रशासन द्वारा घर-घर डिलीवरी के आदेश के बावजूद, हाकर सिलेंडर नहीं पहुंचा पा रहे हैं। इसी बीच प्रशासनिक सख्ती के बाद भी रेस्टोरेंट्स में घरेलू सिलिंडरों का गलत इस्तेमाल पाया गया है, जिससे कमी की आशंका है। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू रसोई गैस की सप्लाई व्यवस्था एक बार फिर चरमरा गई है। शादी-ब्याह के सीजन के चलते एलपीजी की मांग में अचानक तेज वृद्धि हुई है।
एडवांस बुकिंग से बढ़ी वेटिंग
अधारताल, कंटगा, सदर, सिविल लाइन, सिविक सेंटर और दमोहनाका जैसी जगहों पर गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गई हैं, और कई मामलों में बुकिंग के बाद सिलिंडर मिलने में एक हफ्ते से भी अधिक का समय लग रहा है। उपभोक्ता सिलिंडर की कमी के डर से एडवांस में बुकिंग करा रहे हैं, जिससे वेटिंग बढ़ी है।
इस बीच जिला प्रशासन के अनुसार शहर में गैस का स्टाक पर्याप्त है, लेकिन लोगों में भ्रम की स्थिति के कारण भीड़ अधिक है। कुछ इलाकों में स्थिति सामान्य होने की खबर है, जहां 8 गैस एजेंसियों ने 100 प्रतिशत होम डिलीवरी का दावा किया है और उपभोक्ताओं से एजेंसी न आने की अपील की है। साथ ही एलपीजी की आपूर्ति सामान्य बनाने को लेकर प्रशासन और गैस डीलरों के बीच समन्वय बैठक लगातार हो रही है और स्थानीय प्रशासन ताजा अपडेट लेना का प्रयास कर रहा है।
सात लाख उपभोक्ताओं के बीच 55 एजेंसी
जिले में करीब 55 गैस एजेंसियों में से अधिकांश के पास पर्याप्त स्टाक नहीं है। इनमें सर्वाधिक उपभोक्ता इंडेन के हैं। शेष भारत व एचपी से जुड़े हैं। इस तरह देखा जाए तो जिले में एलपीजी के घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या सात लाख के पार है। वहीं रांझी सहित विभिन्न क्षेत्रों में वेटिंग लंबी है।
सप्लाई कंपनियां अभी भी लगभग 80 प्रतिशत क्षमता से ही गैस उपलब्ध करा रही हैं, जिससे घरेलू खपत का संतुलन बिगड़ गया है। जिले में 30 अधिक एलपीजी ट्रकों की खपत है, जबकि वर्तमान में करीब 17 ही आ रहे हैं। इस तरह मांग की तुलना में खपत कम बनी हुई है।
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सप्लाई कम आ रही है
निश्चित रूप से मांग की तुलना में डिलेवरी कम हो रही है। वैसे छोटी एजेंसियों की तुलना में बड़ी गैस एजेंसियों में होम डिलेवरी की वेटिंग लंबी है। इसका कारण जरूरत की अपेक्षा सप्लाई कम आ रही है। शासन की गाइडलाइन के अनुरूप होम डिलेवरी तय समय पर हो इसको लेकर प्रयास है। - पुष्पेंद्र अहाके, संयुक्त कलेक्टर प्रभारी, गैस वितरण व्यवस्था