
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर के रांझी क्षेत्र के गांधी चौक इलाके में नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
पिछले 20 साल से अपने परिवार के साथ रह रही राधा यादव को नगर निगम ने 22874 रुपये का भारी भरकम पानी और टैक्स का बिल थमा दिया है जबकि उनके घर में आज तक कोई नल कनेक्शन नहीं लगा है।
जब निगम के कर्मचारी बिल वसूलने पहुंचे और दावा किया कि यह उसी नल का बकाया है तो राधा ने उन्हें घर ले जाकर सच्चाई दिखाई और बताया कि वे घर से 50 मीटर दूर स्थित सार्वजनिक नल से पानी लाती हैं।
राधा यादव के पति मजदूरी करके अपने परिवार का किसी तरह गुजारा चलाते हैं और उनके घर में 2 बच्चे भी हैं। इस हैरान कर देने वाले बिल में संपत्ति कर के अलावा पानी का शुल्क नाली सफाई और डोर टू डोर कचरा संग्रहण का टैक्स भी जोड़ दिया गया है।

राधा का यह साफ कहना है कि उनके मोहल्ले में कभी भी कचरा उठाने वाली गाड़ी नहीं आती है फिर भी उनसे यह अवैध टैक्स वसूला जा रहा है।
स्से में स्पष्ट किया कि जब उनके घर में कोई नल ही नहीं लगा है और कचरा गाड़ी भी नहीं आती है तो वे 22874 रुपए तो क्या एक भी रुपया नगर निगम को नहीं देंगी। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है और लोग नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

इस पूरे मामले में जोन 10 के अधिकारी नरेश शर्मा ने तकनीकी गड़बड़ी या गलत नाम होने की आशंका जताई है और जांच की बात कही है।
जोन 10 के संभागीय अधिकारी नरेश शर्मा ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि जब यह क्षेत्र पंचायत से नगर निगम में शामिल हुआ था तब के तकनीकी रिकॉर्ड में गड़बड़ी की वजह से ऐसा हुआ होगा।
इसके साथ ही यह आशंका भी जताई जा रही है कि यह बिल किसी नारायण यादव का था जो गलती से राधा यादव के पते पर प्रिंट होकर आ गया।
नगर निगम के अधिकारियों ने महिला का आवेदन स्वीकार कर लिया है और पटवारी तथा विभागीय टीम को मौके पर भेजकर भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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