MP में 5 सितंबर तक जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग समेत 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, सतना में स्कूल-कॉलेज बंद
मध्य प्रदेश में स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम से पूर्वी जिलों में भारी बारिश और बाढ़ के हालात हैं। चित्रकूट का रामघाट डूबा, सतना में स्कूल-कॉलेज बंद हैं।
Publish Date: Wed, 02 Sep 2026 09:38:06 AM (IST)Updated Date: Wed, 02 Sep 2026 09:38:06 AM (IST)
MP में 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट। (फाइल फोटो)HighLights
- चित्रकूट में मंदाकिनी उफनी, रामघाट की दुकानें होटल डूबे।
- सतना में दो दिन स्कूल कॉलेज आंगनवाड़ी बंद रहेंगे।
- सात जिलों में चार इंच से ज्यादा बारिश का अलर्ट।
डिजिटल डेस्क। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर अपने रौद्र रूप में आ गया है। खासकर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में एक्टिव स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम के चलते कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सबसे बुरे हालात सतना और चित्रकूट के हैं। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए प्रदेश भर में भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
चित्रकूट में रामघाट डूबा, सतना में स्कूल-कॉलेज बंद
- सतना जिले में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर है और खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंगलवार को बाढ़ का पानी रामघाट तक पहुंच गया, जिससे करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल पूरी तरह डूब गए।
अगले दो दिनों तक यहां भारी बारिश की चेतावनी है, जिससे फिलहाल हालात सुधरने की उम्मीद कम है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने सतना जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ियों में 2 और 3 सितंबर की छुट्टी घोषित कर दी है। इन जिलों में 4 इंच से ज्यादा बारिश का रेड अलर्ट
- मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, मंगलवार को सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटों में 4 इंच से ज्यादा पानी बरस सकता है। इसके अलावा विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
वहीं, भोपाल, सीहोर, इंदौर, धार, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल समेत प्रदेश के अन्य जिलों (आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी) में भी गरज-चमक के साथ कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं। 5 सितंबर तक कैसा रहेगा प्रदेश का मौसम?
- मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 2 सितंबर को पूरे पूर्वी मध्य प्रदेश के साथ-साथ भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ हिस्सों में तेज बारिश होगी।
- 3 सितंबर से यह मानसूनी सिस्टम आगे की तरफ खिसकेगा, जिससे भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभागों में इसका व्यापक असर दिखेगा।
- इसके बाद 4 और 5 सितंबर को यह वेदर सिस्टम पश्चिमी मध्य प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा। इस दौरान भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
प्रदेश के डैम 70 फीसदी तक भरे, छलकने को तैयार बड़ा तालाब
- लगातार हो रही झमाझम बारिश से प्रदेश के जलस्रोतों की स्थिति में काफी सुधार आया है। प्रदेश के अधिकांश डैम 70 प्रतिशत से ज्यादा भर चुके हैं और कुछ के गेट भी खोलने पड़े हैं। हालांकि, इंदौर और उज्जैन संभाग के डैमों में अभी भी पानी की पर्याप्त आवक नहीं हुई है।
- इधर, राजधानी भोपाल का बड़ा तालाब पूरी तरह छलकने को तैयार है। इसका जलस्तर 1666.50 फीट पर पहुंच चुका है और यह फुल टैंक लेवल से मात्र 0.30 फीट खाली है। बड़े तालाब के फुल होते ही भदभदा डैम के गेट खोल दिए जाएंगे। यहां से छोड़ा गया पानी सीधे कलियासोत डैम में पहुंचेगा, जिससे वहां का जलस्तर भी तेजी से बढ़ेगा।
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