
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: रंगों के महापर्व होली के अवसर पर इस वर्ष शहर में यात्री बसों का संचालन आंशिक रूप से प्रभावित रहेगा। होलिका दहन के बाद भी मंगलवार को कुछ रूटों पर बसें चलेंगी, हालांकि, उनकी संख्या कम रहेगी। लेकिन धुरेड़ी के दिन यानी बुधवार को यात्री बसों और मेट्रो बसों के पहिए पूरी तरह थमे रहेंगे।
पांच मार्च को भी स्थिति लगभग ऐसी ही बनी रह सकती है। छह मार्च से बसों के फिर से नियमित रूप से सड़कों पर लौटने की संभावना है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में छह मार्च को भी यात्री बसों का संचालन बाधित रह सकता है, क्योंकि अधिकांश चालक और परिचालक रंग पंचमी तक अवकाश पर रहते हैं।
होली के मद्देनजर अपने घर पहुंचने की जल्दी में यात्रियों की अच्छी-खासी भीड़ दीनदयाल चौक स्थित अंतरराष्ट्रीय बस टर्मिनस (ISBT) पर देखी गई। इसके अलावा शहर के अस्थाई बस स्टैंडों पर भी यात्रियों की चहल-पहल रही।
आइएसबीटी से प्रतिदिन नागपुर, रायपुर, दुर्ग, भोपाल सहित कटनी, मंडला, डिंडौरी, दमोह और सागर समेत अन्य जिलों के लिए 350 से अधिक बसों का संचालन होता है। त्योहार के कारण कई रूटों की बसें यात्रियों से पूरी तरह भरी नजर आईं। लोग किसी भी तरह समय पर अपने घर पहुंचकर परिवार के साथ होली मनाने की कोशिश में जुटे रहे।
दीनदयाल चौक के अतिरिक्त दमोहनाका चौराहा, एम्पायर टाकीज, अधारताल चौक, अंधमूक चौराहा और बाइपास स्थित अघोषित बस स्टैंडों पर भी यात्री सामान के साथ बसों का इंतजार करते दिखाई दिए।
होलिका दहन के साथ ही सोमवार रात से अधिकांश बसों का संचालन बंद कर दिया गया। बसें शाम तक अपने-अपने गंतव्यों के लिए रवाना हुईं और वहां पहुंचकर खड़ी कर दी गईं।
जबलपुर बस ऑपरेटर एसोसिएशन के पदाधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि होली के दौरान बसों का संचालन जोखिम भरा रहता है। मंडला, डिंडौरी, कटनी, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा सहित अधिकतर रूटों की बसें रात में ही खड़ी कर दी गईं।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को कुछ रूटों पर बसें चलेंगी, लेकिन उनकी संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम रहेगी। जहां सामान्य दिनों में हर 10 मिनट पर बस उपलब्ध होती है, वहां मंगलवार को यात्रियों को 30 मिनट तक इंतजार करना पड़ सकता है। बुधवार को पूरी तरह से बसों का संचालन बंद रहेगा। पांच मार्च को भी अधिकतर चालक अवकाश पर रहेंगे।
बस ऑपरेटरों के अनुसार होली के दिन बस चलाना जोखिम उठाने जैसा होता है। होलिका दहन की रात विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जाम की स्थिति बन जाती है। कई स्थानों पर लोग शराब के नशे में हुड़दंग करते हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा प्रभावित होती है।
होली के दिन सार्वजनिक अवकाश रहता है और उसके बाद भी लोग पारिवारिक आयोजनों में व्यस्त रहते हैं, जिससे यात्रियों की संख्या में कमी आती है। ऐसे में बस संचालन सीमित रखना ही व्यावहारिक निर्णय माना जाता है।
होली के मद्देनजर सिटी मेट्रो बस सेवाओं पर भी असर पड़ेगा। मंगलवार को कुछ मेट्रो बसें संचालित होंगी, लेकिन चार मार्च को उनका संचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड के सीईओ सचिन विश्वकर्मा ने बताया कि धुरेड़ी के दिन मेट्रो बसों का संचालन बाधित रहेगा। गुरुवार को अधिकांश बसें फिर से संचालित की जाएंगी। वर्तमान में शहर में 45 मेट्रो बसों का संचालन किया जा रहा है।