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मध्य प्रदेश में 7 अगस्त की रात से बसें बंद, सैकड़ों बसों के पहिए थमेंगे, नई परिवहन नीति के विरोध में फैसला

मध्य प्रदेश सरकार की नई स्टेज कैरिज परिवहन नीति के विरोध में प्रदेशभर के बस संचालकों ने शुक्रवार रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का एलान कि...और पढ़ें

By Pankaj TiwariEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 06 Aug 2026 06:19:49 PM (IST)Updated Date: Thu, 06 Aug 2026 06:19:49 PM (IST)
मध्य प्रदेश में 7 अगस्त की रात से बसें बंद, सैकड़ों बसों के पहिए थमेंगे, नई परिवहन नीति के विरोध में फैसला
मध्य प्रदेश में 7 अगस्त की रात से बसें बंद, सैकड़ों बसों के पहिए थमेंगे

HighLights

  1. 7 अगस्त रात 12 बजे से बसों की अनिश्चितकालीन हड़ताल
  2. जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में 500 से अधिक बसें रहेंगी बंद
  3. नई स्टेज कैरिज परिवहन नीति को वापस लेने की मांग

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश सरकार की नई स्टेज कैरिज परिवहन नीति के विरोध में प्रदेशभर के बस संचालकों ने शुक्रवार रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का एलान किया है। हड़ताल के चलते जबलपुर से संचालित होने वाली 500 से अधिक बसों के पहिए थम जाएंगे, जिससे मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, कटनी, दमोह, सिवनी, नरसिंहपुर, सागर, रीवा, भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए बस सेवाएं प्रभावित होंगी।

मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन का आह्वान: नई परिवहन नीति के विरोध में फैसला

मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के आह्वान पर होने वाली इस प्रदेशव्यापी हड़ताल को लेकर बस आपरेटरों ने पहले ही शासन को इस संबंध में सूचना दी थी। आपरेटर्स ने कहा था कि यदि उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो 7 अगस्त की रात 12 बजे से बसों का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।


बस संचालकों का कहना है कि नई परिवहन नीति निजी बस व्यवसाय को समाप्त करने वाली है और इससे हजारों लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा हो जाएगा। इस संबंध में कई बार शासन और परिवहन विभाग के अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। ऐसे में मजबूरी में हड़ताल का निर्णय लिया गया है। बस संचालकों का कहना है कि हड़ताल से यात्रियों को होने वाली असुविधा की पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।

जबलपुर सहित महाकौशल में व्यापक असर, यात्रियों को उठानी पड़ेगी परेशानी

जबलपुर से प्रतिदिन 500 से अधिक बसों का संचालन होता है। हड़ताल के कारण न केवल जबलपुर बल्कि आसपास के जिलों की यात्री परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित होगी। बड़ी संख्या में यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। बस आपरेटर एसोसिएशन के सचिव संजय शर्मा ने बताया कि सात अगस्त से हड़ताल शुरू होगी। स्टेट कैरिज परिहवन नीति के खिलाफ यह हड़ताल हो रही है।

बस ऑपरेटरों की प्रमुख मांगें

  • 7 जुलाई 2026 को जारी नई स्टेज कैरिज परिवहन नीति (राजपत्र) तत्काल वापस ली जाए।
  • डीजल, टायर और स्पेयर पार्ट्स की बढ़ी कीमतों को देखते हुए बस किराए में तत्काल वृद्धि की जाए।
  • नई परिवहन नीति के तहत 6 जुलाई 2026 को जारी टेंडर निरस्त किए जाएं।
  • प्रदेश में तैयार खड़ी करीब 1200 नई बसों के पंजीयन का मार्ग प्रशस्त किया जाए।
  • पहले से पंजीकृत बसों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
  • बसों के लिए 15 वर्ष की आयु सीमा समाप्त कर फिटनेस के आधार पर परमिट जारी किए जाएं।
  • परिवहन कार्यालयों में परमिट नवीनीकरण, परमिट ट्रांसफर, अस्थायी परमिट सहित लंबित कार्यों का समयबद्ध निराकरण कराया जाए।
  • अंतरराज्यीय मार्गों पर परमिटों के नवीनीकरण, अस्थायी परमिट और नए परमिटों की स्वीकृति शीघ्र दी जाए।

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