
रीजनल टीम, नईदुनिया, जबलपुर। विंध्य के रीवा, सतना, मैहर और सीधी में लगातार भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं। रीवा में जहां बाढ़ जैसे हालात हैं तो सतना जिले के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान पर आने से शहर में नाव चलाने की नौबत आ गई। डिंडौरी जिले में पिछले तीन दिन से तेज बारिश का दौर गुरुवार को भी जारी रहा।
बारिश के चलते नर्मदा सहित सहायक और क्षेत्रीय नदी खरमेर, चकरार, सिवनी संगम, कुतरेल, कनई, साकुल सहित अन्य नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। नर्मदा नदी तटों पर स्थित मंदिर बाढ़ के पानी में डूबे नजर आ रहे हैं। सीधी और कटनी समेत अन्य जिलों में भी बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं।
भारी बारिश ने सतना और चित्रकूट जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी इलाकों में भी जलभराव के हालात बने हुए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी इस सीजन के सबसे बड़े उफान पर पहुंच गई है। जलस्तर खतरे के निशान से करीब 130 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने पर रामघाट, भरतघाट और लंका तिराहा जलमग्न हो गए। सड़कों पर नाव चलने लगी। करीब 200 दुकानों और सैकड़ों घरों में पानी घुस गया।
रामघाट जाने वाले दोनों रास्तों पर बैरिकेडिंग कर आवागमन बंद कर दिया गया है। कामदगिरि, भरतघाट, सती अनुसुइया और गुप्त गोदावरी के रास्ते प्रभावित हैं। भरतघाट का अधिकांश आरती स्थल डूब गया है। प्रमोद वन सामुदायिक भवन में 70 लोगों की क्षमता वाला अस्थायी आश्रय स्थल बनाया गया है।
बारिश के चलते डिंडौरी में गुरुवार को स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश रहा। रीवा, पन्ना में गुरुवार के साथ ही शुक्रवार और शनिवार को स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे। सतना में आज पांचवीं तक स्कूल बंद रहेंगे।

डिंडौरी के समनापुर क्षेत्र में खरमेर नदी में आई बाढ़ के चलते डिंडौरी-बिछिया मार्ग करीब छह घंटे तक बंद रहा। अमरपुर अंतर्गत रामगढ़-धनवासी मार्ग भी नदी में बाढ़ के चलते पुल में पानी आ जाने से बंद रहा। डिंडौरी से शहडोल मार्ग पर रोरा नाला में बाढ़ का पानी आने से इस मार्ग पर भी आवागमन प्रभावित रहा।
बरगी बांध में जल भराव क्षेत्र में लगातार हो रही पानी की आवक को देखते हुए चार गेट और खोल दिए गए हैं। अब 13 गेटों से औसतन 2.15 मीटर की ऊंचाई तक खोलकर 3988 क्यूमेक पानी की निकासी की जा रही है। सुबह आठ बजे तक बांध का जलस्तर 421.15 मीटर था। जल निकासी के कारण नर्मदा का जलस्तर भी आठ से 10 फीट तक बढ़ गया। भेड़ाघाट धुआंधार जलप्रपात भी नर्मदा की अथाह जलराशि में विलीन हो गया व नर्मदा के घाट पूरी तरह डूब गए।
रीवा जिले में पिछले नौ घंटे से हो रही झमाझम बारिश से शहर से लेकर गांव तक बाढ़ के हालात हैं। बिरसिंहपुर-सेमरिया मार्ग पर मऊ नदी के उफान से आवागमन बंद कराया गया है। असरावल, सेमरावल, तुर्री और नदना नदियां भी उफान पर हैं। टमस नदी का जलस्तर 287.16 मीटर पहुंच गया है, जो 289 मीटर के खतरे के निशान के करीब है। बाणसागर-बकिया बैराज के गेट खुलने और लगातार बारिश से रीवा-त्योंथर के तराई क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बिछिया, टोंस, टमस, बेलन, बीहर और महान नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
रीवा जिले के गुढ़ तहसील की ग्राम पंचायत अमवा 5 में बिछिया नदी के उफान में आने से कोठार निवासी अनिरुद्ध सिंह का 16 वर्षीय पुत्र राज सिंह पानी के तेज बहाव में बह गया। रेस्क्यू टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
पिछले 24 घंटे में हुई बारिश के आंकड़ों के अनुसार, डिंडौरी में 149 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं रीवा जिले में 187.4 मिमी, सीधी जिले में 66.3 मिमी और सतना जिले में 66 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
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