
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। छतरपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग की कार्रवाई के बीच हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई है। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को फिलहाल सीएमएचओ कार्यालय में अपनी सेवाएं जारी रखने की अनुमति दी है। साथ ही राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।
चंद्रभान सेन व अन्य की ओर से दायर याचिका में सेवाओं को आउटसोर्स किए जाने की कार्रवाई को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता प्रवीण वर्मा व डॉ. ज्योति वर्मा ने न्यायालय के समक्ष पक्ष रखा। उनका कहना था कि याचिकाकर्ताओं की सेवाओं के संबंध में की जा रही कार्रवाई पर न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक है। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए।
अंतरिम आदेश के तहत याचिकाकर्ता फिलहाल सीएमएचओ, छतरपुर में कार्य करते रहेंगे। न्यायालय ने निर्देश दिया कि नोटिस की तामील के बाद प्रकरण प्रधान रजिस्ट्रार (आईएंडएल) के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद मामला नियमानुसार सुनवाई के लिए पीठ के समक्ष रखा जाएगा। इस अंतरिम राहत से आउटसोर्सिंग की कार्रवाई के बीच कर्मचारियों को फिलहाल राहत मिली है।
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