मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने न्यायमूर्ति राजेश कुमार गुप्ता के दो निर्णयों को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने का आदेश वापस लिया
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने ग्वालियर खंडपीठ के न्यायमूर्ति राजेश कुमार गुप्ता के दो वि ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 24 Apr 2026 12:41:13 PM (IST)Updated Date: Fri, 24 Apr 2026 12:42:32 PM (IST)
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की फाइल फोटो।HighLights
- पूर्व प्रशासनिक न्यायाधीश अतुल श्रीधरन ने रजिस्ट्रार जनरल को एसएलपी दायर करने के दिए थे निर्देश
- शिवपुरी के एडीजे विवेक शर्मा के खिलाफ टिप्पणियां न्यायिक शक्ति के दायरे से बाहर
- सीजे की बेंच ने साफ किया है कि अब पूरे मामले पर आंतरिक प्रक्रिया के तहत प्रशासनिक समिति विचार करेगी
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने ग्वालियर खंडपीठ में पदस्थ न्यायमूर्ति राजेश कुमार गुप्ता के दो विवादित निर्णयों के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट जाने का आदेश वापस ले लिया है।
दरअसल, हाई कोर्ट के पूर्व प्रशासनिक न्यायाधीश अतुल श्रीधरन ने रजिस्ट्रार जनरल को दोनों आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने निर्देशित किया था। सीजे की बेंच ने साफ किया है कि अब पूरे मामले पर आंतरिक प्रक्रिया के तहत प्रशासनिक समिति विचार करेगी।
उल्लेखनीय है कि 22 सितंबर, 2025 को प्रशासनिक न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने ग्वालियर खंडपीठ के न्यायाधीश राजेश कुमार गुप्ता के दो आदेशों पर आपत्ति जताई थी। संज्ञान लेकर माना था कि न्यायाधीश गुप्ता द्वारा शिवपुरी के एडीशनल जज विवेक शर्मा के खिलाफ की गईं कुछ टिप्पणियां जमानत अधिकार क्षेत्र या संविधान के तहत न्यायिक शक्ति के दायरे से बाहर प्रतीत होती हैं।
प्रशासनिक समिति के सामने भेजा गया था
न्यायाधीश श्रीधरन की पीठ ने यह भी माना था कि न्यायिक अनुशासन के तहत उन आदेशों को हाई कोर्ट स्वयं नहीं छू सकता, इसलिए मामले की न्यायिक समीक्षा केवल सुप्रीम कोर्ट ही कर सकता है। इसी आधार पर रजिस्ट्रार जनरल को विशेष अनुमति याचिका दायर करने के निर्देश दिए गए थे।