MBBS छात्रों पर रैगिंग का आरोप, जबलपुर मेडिकल कॉलेज के आठ स्टूडेंट सस्पेंड
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के एक गंभीर मामले में कॉलेज प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। एंटी रैगिंग समित ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 30 Jan 2026 02:15:00 AM (IST)Updated Date: Fri, 30 Jan 2026 02:15:03 AM (IST)
आठ MBBS छात्र छह माह के लिए निलंबित। फाइल फोटोHighLights
- हॉस्टल से भी निष्कासन, आदेश तत्काल प्रभावी
- प्रत्येक छात्र पर 10 हजार रुपये जुर्माना
- जूनियर छात्र की शिकायत से हुआ खुलासा
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने गुरुवार को आदेश जारी करते हुए आठ एमबीबीएस छात्रों को छह माह के लिए कक्षाओं से निलंबित कर दिया है। निलंबन की अवधि में ये छात्र कॉलेज हॉस्टल में भी नहीं रह सकेंगे। इसके अलावा प्रत्येक छात्र पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
एंटी रैगिंग समिति की बैठक में लिया गया निर्णय
इससे पहले मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग समिति की बैठक अधिष्ठाता सभा कक्ष में आयोजित की गई थी। बैठक में समिति अध्यक्ष सहित सभी छह सदस्य उपस्थित रहे। समिति ने उपलब्ध दस्तावेजों, बयानों और निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया।
हॉस्टल में रैगिंग में लिप्त पाए गए छात्र
निलंबित छात्रों में नवदीप चौधरी, प्रकाश बावरिया, विक्रम सिंह मीणा, धर्मेंद्र कुशवाहा, केशव गौतम, सुदीप जायसवाल, नवनीत कुशवाहा और रवि मीणा शामिल हैं। सभी छात्र 2023 एमबीबीएस प्रवेश वर्ष के हैं और कॉलेज हॉस्टल में रैगिंग की गतिविधियों में संलिप्त पाए गए।
ऐसे हुआ रैगिंग का खुलासा
एंटी रैगिंग स्क्वायड के अनुशासन और सहायक वार्डन द्वारा भेजे गए पत्रों को संज्ञान में लेकर शिकायत की जांच की गई। समिति के समक्ष शिकायतकर्ता छात्र कुनाल सूर्यवंशी (एमबीबीएस प्रवेश वर्ष 2024) के मौखिक बयान दर्ज किए गए। छात्र ने बताया कि हॉस्टल क्रमांक चार से एमबीबीएस प्रथम वर्ष उत्तीर्ण करने के बाद जब छात्र अन्य हॉस्टलों में जाते हैं, तो वहां पहले से रह रहे वरिष्ठ छात्र उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते हैं।
औचक निरीक्षण और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय
समिति ने औचक निरीक्षण किया और विभिन्न वर्षों के छात्रों से चर्चा की। वरिष्ठ छात्रों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। सभी साक्ष्यों के अवलोकन के बाद शिकायत को प्रथम दृष्टया सही पाया गया।
एंटी रैगिंग समिति के सदस्य
NSCB मेडिकल कॉलेज जबलपुर की एंटी रैगिंग समिति में अध्यक्ष डॉ. नटवरलाल अग्रवाल, सचिव डॉ. रुचिर खरे सहित डॉ. यूपी दीपंकर, डॉ. कविता सचदेवा, डॉ. अफताब अहमद खान, डॉ. अमरीश तिवारी, डॉ. शुभांशु शर्मा, छात्र प्रतिनिधि सलेहा रजवानी और स्टाफ प्रतिनिधि सुषमा चौकसे शामिल थीं।
रैगिंग रोकने हम वचनबद्ध हैं। कालेज उच्च अध्ययन के लिए है। रैगिंग जैसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने आगे सतत प्रयास जारी रहेंगे। निश्चित रूप से कालेज के लिए यह गंभीर विषय है और छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। रैगिंग से करियर को ही नुकसान होगा।
-डॉ नवनीत सक्सेना, अधिष्ठाता, एनएससीबी मेडिकल कालेज जबलपुर